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भीलवाड़ा. कोरोना संक्रमण के दौर में जहां पुलिस और प्रशासन लोगों की सुरक्षा के इंतजाम में लगा था वहीं बजरी माफियाओं ने जमकर खेल खेला। इन लोगों ने पुलिस व प्रशासन की व्यस्तता का फायदा उठाते हुए नदियों से दिन-रात बजरी निकाल दी। इन लोगों ने नदियों के पास अपने गांवों में बजरी के पहाड़ बना दिए। किसी ने अपने नोहरे में बजरी के ढेर लगा दिए तो किसी ने खेतों में बजरी भर दी। जहाजपुर उपखंड अधिकारी के चालक की अवैध रूप से बजरी ले जा रहे ट्रेक्टर चालक ने कुचल दिया जिससे मौत हो गई। उस दिन के बाद से ही जिला कलक्टर राजेंद्र भट्ट की ओर से गठित टास्क फोर्स की ओर से कार्रवाई की जा रही है। इसमें प्रशासन ने अब तक जहाजपुर, शक्करगढ़, अमरगढ़, कोटड़ी, सवाईपुर, हमीरगढ़, मांडलगढ़, बीगोद आदि क्षेत्रों में कार्रवाई कर करीब ५० हजार टन बजरी को जब्त किया जा चुका है। प्रशासन ने बड़लियास, सवाईपुर क्षेत्र में तो कई जगह बजरी को वापस नदी में डलवाया तो कई जगह खेतों में बिखेर दिया है। इस कार्रवाई से माफियाओं में अब डर पैदा हुआ है।
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कान्याखेड़ी में बन गए थे पहाड
़हमीरगढ़ क्षेत्र के कान्याखेड़ी व ओज्याड़ा क्षेत्र में लॉकडाउन के दौरान बजरी माफियाओं ने बजरी के पहाड़ा बना दिए थे। इसका खुलासा राजस्थान पत्रिका टीम ने किया। इसके बाद खान विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इस बजरी को सरकारी कब्जे में लिया। हालांकि वहां हालात अभी भी वैसे ही है।
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५० से ज्यादा एफआईआर
प्रशासन की ओर से कार्रवाई के बाद अब तक विभिन्न पुलिस थानों में ५० से ज्यादा एफआइआर हो चुकी है। वहीं कई वाहनों को जब्त कर पुलिस थानों में खड़ा करवाया है। इसमें ट्रेक्टर व डंपर ज्यादा है। अब पुलिस व प्रशासन की आेर से दिन-रात गश्त की जा रही है।
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शहर में कोई नहीं पूछता-कहां से आई बजरी
शहर में हालात यह है कि कई जगह कॉम्पलेक्स व मकानों का निर्माण चल रहा है। यहां बड़ी मात्रा में बजरी के ढेर लगे हैं। ये बजरी रात में खाली होती है लेकिन पुलिस व प्रशासन को नहीं दिख रही है। खान विभाग के अधिकारी इन लोगों से यह भी नहीं पूछते हैं कि बजरी कहां से आई। इस कारण बजरी का अवैध खनन बढ़ रहा है।
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बजरी पर टास्क फोर्स की ओर से अब लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए सभी विभागों की टीमें लगी हुई है। यह कार्रवाई जारी रहेगी।
आसिफ मोहम्मद अंसारी, खनि अभियंता