विद्यालयों में स्वस्थ विद्यार्थियों को स्वास्थ्य राजदूत बनाएंगे प्रधानमंत्री की सलाह के बाद शिक्षा विभाग एक्शन मोड में
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बचपन में मोटापे पर चिंता जताने के बाद शिक्षा विभाग एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने प्रधानमंत्री की सलाह के बाद बच्चों को तैलीय खाद्य पदार्थ का सेवन कम करने के साथ स्वस्थ रहने के टिप्स देने का निर्णय किया है। इसके लिए प्रत्येक कक्षा में मोटे बच्चों को संंतुलित खानपान के बारे में जानकारी देने के लिए स्वस्थ विद्यार्थियों को स्वास्थ्य राजदूत नियुक्त करने की तैयारी की है। ताकि वे अपने साथियों को शिक्षित कर सकें तथा बेहतर भोजन विकल्पों का समर्थन कर सकें। जिला, ब्लॉक और विद्यालय स्तर पर सत्र, कार्यशालाएं, चिकित्सकों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पोषण विशेषज्ञों के माध्यम से अतिथि व्याख्यानों के माध्यम से जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। ताकि विद्यार्थियों को अत्यधिक खाद्य तेल सेवन के खतरों के बारे में शिक्षित किया जा सके। विद्यार्थियों को भोजन तैयार करने का तरीका सिखाया भी जाएगा। विद्यालयी कैंटीन को स्वास्थ्यवर्धक, कम तेल वाले भोजन के विकल्प उपलब्ध कराने तथा पौष्टिक विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। स्वस्थ खान-पान की आदतों पर स्कूल में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी होगी।
जीवनशैली पर जोर
अत्यधिक खाद्य तेल सेवन से मोटापा, हृदय रोग, पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं। इसलिए विद्यार्थियों के बीच एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए दैनिक भोजन में तेल के सेवन के बारे में बताएंगे। पोषण उद्यानों में उगाई सब्जियों के उपयोग की भी जानकारी दी जाएगी। कैलोरी खर्च करने के लिए नियमित व्यायाम और योग के महत्व पर जोर दिया जाएगा।