भीलवाड़ा तैयार होते है लकड़ी के खास कूलर इस बार 10 प्रतिशत महंगे, लेकिन मांग बढ़ी
भीलवाड़ा. गर्मी बढ़ने के साथ ही घरों में एसी, कूलर-पंखों की सार-संभाल शुरू हो गई है। पारा जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों ने गर्मी से बचने के जतन शुरू कर दिए। धूप की तल्खी बढ़ी तो घरों में कूलर-पंखे शुरू हो गए। बाजार में दुकानों पर कूलर व पंखों की वैरायटी सजने लगी है। इस बार गर्मी के साथ इनके दाम में दस प्रतिशत की तेजी आने से जेब पर भारी पड़ रहा है।
तीन-चार दिन से पारे में तेजी के साथ ही कूलर व पंखों का बाजार चढ़ा है। उम्मीद है कि आने वाले समय में भीषण गर्मी के कारण बाजार में कूलर, पंखे, फ्रीज और एसी की मांग में और तेजी आएगी। व्यापारियों ने बताया कि पिछली बार से कूलर व पंखों के दाम में थोड़ा अंतर आया है। आने वाले समय में मांग बढ़ने से कूलर व पंखे के दामों में इजाफा होगी। पिछले कुछ दिनों से घरों में कूलर व पंखों की सार-संभाल शुरू हो गई है। लोग पुराने कूलरों की मरम्मत और रंग-रोगन में जुट गए हैं।
लोहे की शीट की कीमत 70 से 90 रुपए बढ़ी
पंखे व कूलर विक्रेता राकेश अग्रवाल ने बताया कि बाजार में अलग-अलग कम्पनियों के कूलर व पंखे उपलब्ध हैं। कूलर की बॉडी, मोटर व कलर की क्वालिटी के हिसाब से अलग-अलग कीमत तय है। शहर के बाजारों में अच्छी क्वालिटी के कूलर करीब 8 हजार रुपए से शुरू हैं। सामान्य क्वालिटी के कूलर की रेंज 3 हजार रुपए से शुरू है। कंपनी के पंखे 1500 व सामान्य पंखे एक हजार रुपए में बाजार में उपलब्ध हैं। कूलर व पंखों की कीमतें मैटेरियल के अनुसार ही तय होती है। लोहे की शीट व कॉपर के भाव का सीधा असर कूलर की कीमतों पर पड़ता है। कुछ दिन पहले तक लोहे की शीट की कीमत 70 से 75 रुपए प्रति किलो थी, जो अब 90 रुपए प्रति किलो हो गई है। आगे आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती है।
कूलर के दामों में आएगी तेजी
मौसम विभाग के अनुसार इस बार भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान है। मांग बढ़ने से पंखे व कूलर के दामों में 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। इसकी एक वजह पंखे व कूलर की स्टार रेटिंग को बताया जा रहा है। स्टार रेटिंग के पंखे व कूलर के दाम अधिक है।
लकड़ी के कूलर की मांग
शहर में लकड़ी के कूलर की ज्यादा मांग रहती है। यह कूलर 3 हजार से लेकर 4 हजार तक मिल रहे है। इन कूलरों की खास बात यह है कि यह कमरे को जल्द ठंडा कर देता है। इस तरह के कूलर पिछले कुछ सालों से ज्यादा चलन में आए है।