भीलवाड़ा. गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ना स्वाभाविक है। आखिर गर्मी से बचाव के लिए कूलर-एसी का सहारा लिया जाता है। गर्मियों में जिले में 24 लाख यूनिट बिजली अतिरिक्त खर्च होे रही है।
भीलवाड़ा. गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ना स्वाभाविक है। आखिर गर्मी से बचाव के लिए कूलर-एसी का सहारा लिया जाता है। गर्मियों में जिले में 24 लाख यूनिट बिजली अतिरिक्त खर्च होे रही है। पहले 115 से 116 लाख यूनिट प्रतिदिन की खपत थी। विद्युत निगम अधिकारियों का कहना है कि मई में रोजाना 30 लाख यूनिट तक अतिरिक्त बिजली की मांग बढ़ जाएगी। इससे उपभोक्ताओं का बिजली बिल भी करीब पचीस प्रतिशत बढ़ जाएगा। हालांकि दो दिन से मौसम खुशनुमा होने से बिजली की खपत में कमी आई है।
ऐसे समझें बिजली की खपत
- 1000 वाट का उपकरण एक घंटे इस्तेमाल करते हैं तो उससे 1 यूनिट बिजली खपत होती है।
- 60 वाट के 4 पंखे घर में लगे हों और 12 घंटे चले तो करीब तीन यूनिट बिजली खर्च होगी।
- 200 वाट का फ्रिज 8 घंटे चलने पर करीब डेढ़ यूनिट बिजली खपत करता है।
- 750 वाट का आयरन आधे घंटे इस्तेमाल हो तो करीब पौन यूनिट बिजली खर्च करेगा।
- 1600 वाट का एसी 5 घंटे चले तो करीब आठ यूनिट बिजली खर्च होगी।
बिजली ढांचे को हो सकता है नुकसान
जिले में गर्मी शुरू होते ही बिजली खपत 140 लाख यूनिट पहुंच गई है, जो सामान्य दिनों से 24 लाख यूनिट अधिक है। खपत आगामी दिनों में बढ़ेगी। डिस्कॉम को डर है कि उपभोग बढ़ने से विद्युत लोड बढ़ेगा। इससे बिजली ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। कई जगह पर कम क्षमता के ट्रांसफार्मर लगे हैं। क्षमता इस बार अधिकांश जगहों पर नहीं बढ़ाई गई, इससे खतरा हो सकता है।
बिजली बिल भी बढ़ेगा
यह सही है कि इस बार गर्मी आते ही बिजली खपत 24 लाख यूनिट रोजाना बढ़ गई है। एसी, कूलर व पंखे चलने से आमजन का बिजली बिल करीब पचीस प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
शीशराम, अधीक्षण अभियंता, अजमेर विद्युत वितरण निगम