भीलवाड़ा

होली पर चंद्र ग्रहण का साया: 2 मार्च को होलिका दहन, 3 को रंगोत्सव; सूतक में भी खेल सकेंगे रंग

भीलवाड़ा इस वर्ष होलिका दहन, धुलण्डी पर्व और चंद्र ग्रहण की तारीखों व समय को लेकर चल रहे भारी असमंजस और मतभेदों पर अब विराम लग गया है। पेच के बालाजी के महंत पंडित आशुतोष शर्मा ने विभिन्न विद्वानों, ज्योतिषाचार्यों और पंचांगों के गहन विश्लेषण के बाद सर्वमान्य निर्णय जारी किया है। इसके तहत होलिका […]

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Feb 27, 2026
Shadow of lunar eclipse on Holi: Holika Dahan on March 2, Rangotsav on March 3
  • 3 मार्च को मात्र 2 मिनट का रहेगा चंद्र ग्रहण, सुबह 9:45 बजे से लगेगा सूतक
  • प्रदोष काल में भद्रा दोष नहीं, होलिका दहन के लिए शाम 6:36 से रात 9 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त

भीलवाड़ा इस वर्ष होलिका दहन, धुलण्डी पर्व और चंद्र ग्रहण की तारीखों व समय को लेकर चल रहे भारी असमंजस और मतभेदों पर अब विराम लग गया है। पेच के बालाजी के महंत पंडित आशुतोष शर्मा ने विभिन्न विद्वानों, ज्योतिषाचार्यों और पंचांगों के गहन विश्लेषण के बाद सर्वमान्य निर्णय जारी किया है। इसके तहत होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा, जबकि रंगों का त्योहार धुलण्डी 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के साए के बीच उल्लास से मनाया जाएगा। शीतला अष्टमी का पर्व इस बार 11 मार्च को मनाया जाएगा। इसी दिन दाेपहर दो बजे बाद मुर्दे की सवारी (जिंदा आदमी की शवयात्रा) निकाली जाएगी।

2 मार्च को होलिका दहन: नहीं रहेगा भद्रा दोष

पंडित आशुतोष शर्मा ने बताया कि होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी सोमवार 2 मार्च को होगा। इस दिन पूर्णिमा तिथि का प्रवेश शाम 5:56 बजे हो जाएगा। होलिका दहन के लिए शाम 6:36 बजे से रात 9:00 बजे तक पूर्णिमा व्यापिनी तिथि में प्रदोष काल का समय सर्वश्रेष्ठ माना गया है। भद्रा निशीथ काल के बाद तक रहेगी, लेकिन प्रदोष काल में भद्रा का मुख नहीं होने के कारण इस दौरान होलिका दहन में कोई भद्रा दोष नहीं लगेगा।

3 मार्च को धुलण्डी: रंग खेलने में सूतक की कोई बाधा नहीं

रंगों का पर्व धुलण्डी मंगलवार 3 मार्च को ही मनाया जाएगा। पंडित आशुतोष ने स्पष्ट किया है कि रंग खेलने का यह पर्व पारस्परिक सौहार्द और प्रेम का प्रतीक है। इसलिए चंद्र ग्रहण और उसके सूतक का इस पर कोई असर नहीं होगा। आमजन बिना किसी डर या बाधा के रंगों का यह त्योहार मना सकेंगे।

मात्र 2 मिनट का चंद्र ग्रहण, दर्शन रहेंगे वर्जित

3 मार्च को पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण रहेगा। यह संपूर्ण भारतवर्ष में ग्रस्तोदय (ग्रस्तोदित) रूप में दिखाई देगा, लेकिन यह अत्यंत अल्पकाल के लिए होगा। ग्रहण का समय शाम 6:45 बजे से 6:47 बजे तक (केवल 2 मिनट) रहेगा। चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले यानी 3 मार्च को सुबह 9:45 बजे से ही आरंभ हो जाएगा।

क्या करें, क्या न करें

सूतक काल शुरू होने के बाद मंदिरों में देव दर्शन और देव प्रतिमाओं को स्पर्श करना पूर्णतः वर्जित रहेगा। हालांकि, इस अवधि में घर पर रहकर देव आराधना और मंत्रों का जाप करना कई गुना अधिक फलदायी और लाभदायक रहेगा। ज्योतिष गणना के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण 'पूर्वा फाल्गुनी' नक्षत्र और 'सिंह' राशि पर मान्य होगा।

Published on:
27 Feb 2026 09:27 am
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