लौ रही सीधी, अच्छी बारिश की संभावना, कोरोना से मिलेगी मुक्ति
भीलवाड़ा।
आपसी भाईचारे और सौहार्द का पर्व होली का अपना ही आनन्द है। हंसी ठिठोली के इस त्योहार को मनाने का अलग तरीका है। कोरोना काल के दौरान रविवार को होलिका दहन के साथ ही रंगोत्सव शुरू हो गया। शहर व जिले भर में महिलाओं व पुरुषों ने विधि विधान के साथ आरती करके कंडे की होलिका जलाई गई। होलीका दहन में समाज के लोगों ने कोरोना संक्रमण से मुक्ति की कामना की। कंडे की होलिका में औषधीय जड़ी-बूटियां भी जलाई गई जिससे वातावरण शुद्ध हो सके।
वकील कॉलोनी, आरके कॉलोनी, आजाद चौक, अग्रवाल उत्सव भवन, सिरकी मोहल्ला, शिव मंदिर के सामने, आरके सामुदायिक भवन के पास, समेत सैकड़ों स्थानों पर महिलाओं ने सज संवर कर होलिका की परिक्रमा की और दिनभर व्रत रखा। सुख-समृद्धि व पति की दीर्घायु के इस पर्व पर महिलाओं ने होलिका पर कच्चा धागा बांधा।
कोरोना गाइड लाइन की पालना
होलिका दहन के दौरान शहर में सभी जगह कोरोना गाइडलाइन की पालना की गई। महिलाओं ने श्रद्धा से पूजन कर होलिका दहन किया गया। सोमवार को धुलंडी मनाई जाएगी। प्रशासन की ओर से कोरोना गाइडलाइन और धारा-144 लागू करने पर सामूहिक आयोजन व भीड़भाड़ करने पर पाबंदी लगाई गई। ऐसे में शहर के हर चौराहे पर व गली मोहल्ले में अलग-अलग स्थान पर होलिका दहन किया गया। साथ में महिलाओं व पुरुषो ने मास्क लगा रखे थे। वही पुलिस के पुख्ता प्रबन्ध थे।
लौ रही सीधी
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि होलीका दहन से उठने वाली लौ इस बार सीधी रही है। मान्यता है कि आने वाले साल में अच्छी बारिश होगी। कोरोना जैसे महामारी से मुक्ति मिलेगी। लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में उठापठक होगी।
शीतला सप्तमी ३ को
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि इस बार शीतला सप्लमी ३ अप्रेल शनिवार को मनाई जाएगी। व्यास ने बताया कि शुक्रवार को पंचमी व शष्टमी दोनो तिथी एक दिन होने से सप्तमी शनिवार को पूजी जाएगी। रविवार को आकरा वार होने के कारण पूजा शनिवार सुबह ही की जाएगी। उसी दिन रंग भी खेला जाएगा।