टीबी अस्पताल को बनाया जाएगा 25 बेड का कोरोना वार्ड
भीलवाड़ा।
शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढऩे के साथ ही चिकित्सा विभाग ने घर-घर सर्वे कार्य को और तेज कर दिया है। विभाग की टीमें रोज घर-घर पहुंच कर आईएलआई (बुखार, खांसी और जुकाम) से ग्रसित लोगों की पहचान कर उनको निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लेने और उपचार करवाने की सलाह दे रही है। सर्वे के दौरान हाइ रिस्क ग्रुप में शामिल लोगों की भी पहचान की जा रही है। बीपी और मधुमेह के रोगियों को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है। घर के 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति ने टीकाकरण करवाया है या नहीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
नर्सिंग विद्यार्थियों और विभाग के कार्मिकों की ओर से जिले में घर-घर सर्वे किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुस्ताक खान का कहना है कि हर व्यक्ति को कोरोना संक्रमित मानकर ही व्यवहार करना चाहिए। दूध या सब्जी विक्रेता तक को कोरोना हो सकता है। ऐसे में घर में रहे और परिवार को कोरोना से बचाए।
46 हजार घरों का सर्वे
खान ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के बीच चिकित्सा विभाग की ओर से गठित टीमों की ओर से अप्रेल में 45921 घरों का सर्वे किया गया है। इनमें आईएलआई (बुखार, खांसी और जुकाम) से ग्रसित लोगों की पहचान की गई है। वहीं हाईरिस्क ग्रुप में शामिल लोगों की भी स्क्रीनिंग की गई है। घर-घर सर्वे के दौरान बीपी और शुगर रोगी भी चिह्नित किए गए।
बीएलओ को लगाया
जिले भर में बीएलओं को भी लगाया गया है। वे भी घर-घर सर्वे कर रहे है। टीबी अस्पताल को २५ बेड का कोरोना वार्ड बनाया जा रहा है।