आधुनिकता युग में अब सोशल मीडिया भी जिस्मफरोशी के कारोबार को फल-फूलने में बड़ा प्लेटफार्म बनकर उभर रहा है। सोशल मीडिया के जरिए युवतियां का ऑनलाइन सौदा करके ग्राहकों को लुभाया जा रहा है। ग्राहक की डिमांड के आधार पर युवतियां सप्लाई की जा रही।
भीलवाड़ा. आधुनिकता युग में अब सोशल मीडिया भी जिस्मफरोशी के कारोबार को फल-फूलने में बड़ा प्लेटफार्म बनकर उभर रहा है। सोशल मीडिया के जरिए युवतियां का ऑनलाइन सौदा करके ग्राहकों को लुभाया जा रहा है। ग्राहक की डिमांड के आधार पर युवतियां सप्लाई की जा रही। देह व्यापार के नए तरीके से पुलिस भी वाकिफ है। इसके बाद भी दो साल में एक भी कार्रवाई नहीं हुई। शहर में देह व्यापार चरम सीमा पर है। हर कॉलोनी में देह व्यापार चल रहा है। इस धंधे में लगे दलाल ग्राहक की मांग पर कई युवतियों के फोटो वाट्सअप पर भेजते है। ग्राहक उनमें से पसंद करके हामी भरता है। सोशल मीडिया पर कीमत तय होती है और उसके बाद उस युवती को बुलवाया जाता है। दलाल सोशल मीडिया पर बातचीत को पुलिस से बचने का बहुत सुरक्षित तरीका मानते है। मोबाइल से बातचीत में पकड़े जाने का डर उनको ज्यादा रहता है।
एक हजार से दस हजार तक सौदा
हर युवती की कीमत अलग-अलग होती है। एक हजार से दस हजार तक कीमत देकर ऑनकॉल डिमांड की जाती है। मुम्बई, दिल्ली, कोलकत्ता, इंदौर, अहमदाबाद, जयपुर समेत कई महानगरों से कॉलगर्ल यहां पहुंच रही है। इनके ठहरने, खाने और शराब तक की व्यवस्था दलाल करवाता है। ग्राहक के निर्धारित स्थान तक उनको छोडऩे जाया जाता और वहां से वापस लाकर रवाना कर दिया जाता है।
दो कॉलगर्ल ने खोली पोल, फिर भी नहीं चेती पुलिस
प्रतापनगर थाना पुलिस ने दो साल पूर्व आजादनगर में मकान पर दबिश देकर महानगरों से आई दो कॉलगर्ल को पकड़ा था। उनसे पूछताछ में ऑनकॉल युवतियां मंगवाने और सोशल मीडिया का देह जरिया बनने की बात सामने आई थी। इसके बाद भी पुलिस तह तक नहीं पहुंच पाई थी। शहर के पटेलनगर, पंचवटी, शास्त्रीनगर, बीलिया, बापूनगर, चपरासी कॉलोनी, तिलकनगर समेत एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों में देह व्यापार का रैकेट काम कर रहा है।
कमाई का शॉर्टकट, रकम आधी-आधी
देह व्यापार के एजेंटों का जाल देशभर में फैला हुआ है। एक-दूसरे से दलाल सम्पर्क में रहते है। लड़कियां बदल-बदल कर भेजी जाती है। दलालों के लिए कमाई का शॉर्टकट है। वहीं युवतियां भी महंगे शौक को पूरा करने के लिए अपना जिस्म बेचती है। दलाल और कॉलगर्ल ग्राहक से मिलने वाली रकम को आधा-आधा कर लेते है। फार्म हाउस से लेकर सुनसान इलाके में मकान किराए पर लेकर ग्राहकों को वहां बुलाया जाता है। कुछ दिन तक रखकर ग्राहकों में युवतियों को भेजने के बाद उसे वापस दूसरे शहर में भेज दिया जाता है।