भीलवाड़ा

भीलवाड़ा में लगे एथेनॉल प्लांट तो किसानों की बदलेगी तस्वीर

हाइब्रिड मक्का उत्पादन में अव्वल भीलवाड़ा, फिर भी प्रोसेसिंग यूनिट से वंचित

2 min read
Jan 18, 2026
The installation of an ethanol plant in Bhilwara will transform the lives of farmers.

भीलवाड़ा प्रदेश की सबसे बड़ी ‘अ’ श्रेणी की कृषि मंडियों में गिना जाता है और यहां सबसे ज्यादा हाइब्रिड मक्का का उत्पादन होता है। भीलवाड़ा ही नहीं बल्कि आस-पास के जिले से भी बड़ी मात्रा में मक्का बिक्री के लिए यहीं आती है। इसके बावजूद जिले में एक भी मक्का प्रोसेसिंग या एथेनॉल प्लांट स्थापित नहीं हो पाया है। नतीजतन किसानों की उपज सस्ते दामों में बाहर जा रही है और लाभ दूसरे राज्यों को मिल रहा है। मंडी के व्यापारियों और किसानों का कहना था कि अगर भीलवाड़ा में एथेनॉल प्लांट स्थापित हो जाए तो न केवल किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

बाहर भेजने पर बढ़ रहा खर्च

वर्तमान में भीलवाड़ा से मक्का पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, गुजरात समेत कई राज्यों और विदेशों में भेजा जा रहा है। इससे परिवहन खर्च बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर एथेनॉल तेल दूसरे राज्यों से भीलवाड़ा मंगवाना पड़ता है, जिससे उसकी कीमत करीब 500 रुपए तक बढ़ जाती है। व्यापारियों का कहना है कि यदि एथेनॉल प्लांट भीलवाड़ा में ही स्थापित हो जाए तो मक्का स्थानीय स्तर पर ही खप जाएगा। इससे किसानों को प्रति क्विंटल 400 से 500 रुपए तक ज्यादा भाव मिल सकेगा और एथेनॉल भी सस्ता उपलब्ध होगा।

इनको होगा फायदा

भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में मक्का का व्यापक उत्पादन होता है। प्लांट स्थापित होने पर इन जिलों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। व्यापारियों का मानना है कि यदि जिले में तीन-चार प्लांट भी लग जाएं तो भीलवाड़ा मक्का प्रोसेसिंग के क्षेत्र में प्रदेश का सबसे बड़ा हब बन सकता है।

सरकार से ठोस मदद की दरकार

व्यापारियों ने स्पष्ट कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार को इस दिशा में पहल करनी होगी। प्लांट स्थापना के लिए निवेशकों को प्रोत्साहन पैकेज देने की जरूरत है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के नीमच सहित कई स्थानों पर एथेनॉल प्लांट स्थापित हैं। व्यापारियों के अनुसार सरकार यदि स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दे तो मक्का बाहर जाने की बजाय यहीं उपयोग में आएगा।

रोजगार के नए द्वार खुलेंगे

एथेनॉल प्लांट लगने से सिर्फ किसानों को ही नहीं, बल्कि युवाओं को भी रोजगार मिलेगा। परिवहन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन से जुड़े हजारों नए अवसर पैदा होंगे। भीलवाड़ा की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और जिला औद्योगिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बन सकेगा। जरूरत है कि राज्य और केन्द्र सरकार भीलवाड़ा के इस सामर्थ्य को पहचाने और यहां एथेनॉल प्लांट स्थापना की दिशा में ठोस कदम उठाए ताकि किसानों का सपना साकार हो सके।

Published on:
18 Jan 2026 08:55 am
Also Read
View All

अगली खबर