जयपुर के बाद भीलवाड़ा दूसरा जिला
भीलवाड़ा।
कोरोना के गंभीर रोगियों की इंटरल्यूकिन (आइएल)-6 जांच महात्मा गांधी अस्पताल में शनिवार से शुरू हुई। जयपुर के एसएमएस के बाद प्रदेश का दूसरा अस्पताल है, जहां यह जांच सुविधा मिलेगी। आइएल-6 प्रोटीन का शरीर में अंदरूनी सूजन से कनेक्शन पता लगाएगा। कोरोना के गंभीर मरीजों में यह प्रोटीन अधिक होने पर सूजन आ जाती है।
एमजीएच अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि कोरोना रोगी पहले बेहतर महसूस करते हैं। फिर प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इसके बाद शरीर वायरस के अनुसार प्रतिक्रिया देता है। स्पेक्ट्रोमीटर से ब्लड प्लाज्मा में प्रोटीन पैटर्न देखा जा सकेगा। इस इंटरल्यूकिन-६ जांच से पता लग सकेगा कि किस संक्रमित को ज्यादा खतरा है। ब्लड में मौजूद ऐसे प्रोटीन का पता लगाया जाएगा, जिसके स्तर से बताया जाएगा कि मरीज की स्थिति सुधरेगी या नहीं। मरीज को कैसे इलाज की जरूरत है? आइएल-6 का हाईलेवल रेसिपिरेटरी फेल्योर या मौत की वजह बनता है। इस जांच से तय होगा कि मरीज को लाइफ सेविंग इंजेक्शन लगाना है या नहीं।
वरिष्ठों की नि:शुल्क सीटी स्कैन
गौड़ ने बताया कि एमजीएच में कोरोना मरीजों की सीटी स्कैन रियायती दर पर होगी। यह दर ८०० रुपए होगी। वरिष्ठ नागरिक की यह जांच नि:शुल्क होगी।
एमजीएच में ३९ वेन्टीलेटर
अस्पताल में ३९ वेंटीलेटर है। इसमें ३० कोविड मरीजों के लिए मिले हैं। पहले से ९ वेंटिलेटर हैं। अस्पताल में 225 कोरोना बैड हैं।