अवैध गारनेट की फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छह वाहन जब्त किए।
बीगोद
क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ अभियान चला रहे सरपंच गणेश पारीक के भाई श्रवण पारीक की रीको एरिया स्थित जमीन पर गारनेट का अवैध कारोबार चल रहा है। इसका खुलासा खनिज विभाग की विजिलेंस टीम ने गुरुवार को किया है। टीम ने पुलिस थाने के सामने स्थित रीको एरिया में चल रही अवैध गारनेट की फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छह वाहन जब्त किए।
इनमें चार वाहनों में गारनेट भरा हुआ था, जबकि दो में भरने की तैयारी की जा रही थी। खनिज विभाग के अधिकारियों के पहुंचने पर अवैध काम करने वालों में हड़कम्प मच गया। वे मौके से फरार हो गए। खनिज अभियन्ता कमलेश्वर बारेगामा ने बताया कि दोपहर को बीगोद के लोगों ने फोन पर शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोग पुलिस थाने के सामने गारनेट का अवैध काम कर रहे है।
बारेगामा ने विजिलेंस के फोरमेन प्रदीप तिवारी व नरेन्द्रसिंह को मौके पर भेजा तो वहां गारनेट से भरे तीन ट्रेक्टर व एक ट्रेलर को जब्त किया। जबकि दो अन्य ट्रेक्टर जो मौके पर गारनेट भरने की तैयारी में थे उनको जब्त कर बीगोद थाने में खड़ा करवा दिया। इस दौरान ग्राामीणों ने फैक्ट्रियों के बन्द दरवाजों को खुलवाया।
इसके चलते ग्रामीणों व फैक्ट्री मालिकों के बीच नोकझोंक भी हुई। एकाएक हुई इस कार्रवाई से अवैध गारनेट फैक्ट्री संचालक समझ नही पाए। श्रमिकों की छुट्टी कर दी और माल को छुपाने का प्रयास किया। जब्त तीन ट्रेक्टर सरपंच गणेश पारीक के बताए जा रहे है।
भाई ने किराए पर दे रखी जमीन
सरंपच गणेश पारीक का कहना है कि जब्त वाहन उसके नहीं है। अवैध गारनेट का काम भी वो नहीं कर रहे है। जहां अवैध काम हो रहा है वह जमीन भाई श्रवण पारीक के नाम पर है। उसने भी यह जगह गोविन्द व मोनू नामक व्यक्ति को किराए पर दे रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि खनिज विभाग ने भी केवल एक फोरमैन को मौके पर भेजकर इतिश्री कर ली है। फोरमेन ने न तो फैक्ट्री सीज की और ना ही कोई कागज बनाए है।