
भीलवाड़ा।
बजरी का अवैध परिवहन देखना है कि हरणी महादेव रोड पर आइए। यहां न पुलिस मिलेगी और न खान विभाग के अधिकारी। सुबह पांच से दस बजे तक खुलेआम ट्रेक्टर निकल रहे हैं। इन बजरी के ट्रेक्टर की स्पीड इतनी है कि कोई यदि आगे आ गया तो दुर्घटना तय है। राजस्थान पत्रिका ने रविवार को करीब एक घंटे तक स्मृति वन के बाहर इन पर नजर रखी। इसमें सामने आया कि हर दूसरे मिनट में एक ट्रेक्टर मंगरोप क्षेत्र स्थित बनास नदी से बजरी भरकर ला रहा है।
खास बात है कि बजरी से भरी हर ट्रेक्टर ट्रॉली में दो से तीन लठैत बैठे रहते हैं। पत्रिका टीम ने एक ट्रेक्टर चालक को रोककर पूछा तो बताया कि पुलिस व प्रशासन के अलावा भी कई लोग ट्रेक्टर को रुकवाकर वसूली करते हैं, इसलिए इतने आदमी को साथ लाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि ट्रेक्टर मालिक कोई और है, हमें तो केवल मजदूरी मिलती है। स्थिति यह है कि इतने ट्रेक्टर आने के बावजूद कोई रोकने वाला नहीं है।
पुलिस व खान विभाग का नहीं है डर
शहर में बजरी ला रहे ट्रेक्टर चालकों को पुलिस व खान विभाग का कोई डर नहीं है। पत्रिका टीम ने सुबह स्मृति वन के बाहर एक ट्रेक्टर चालक से पूछा रास्ते में पुलिस की गाड़ी नहीं मिली क्या। वे बोला, साहब पुलिस मिल भी जाएगी तो क्या। रोज का ही काम है। एेसे पुलिस से पंगा लेकर थोड़े काम कर सकते हैं। उनको भी पता है बजरी ले जाना जरूरी है, इसलिए हमें आने देते हैं।
आगे चलते हैं वाहन
बजरी का अवैध परिवहन कर रहे ट्रेक्टर चालकों के आगे भी वाहन चलते हैं। कोई समस्या होने पर वे तुरंत बता देते हैं। स्थिति यह है अभी बजरी खनन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक होने के कारण मुंहमांगे दाम ले रहे हैं। इसके बावजूद इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।