भीलवाड़ा

प्रदेश के पहले यूएचटी एसेप्टिक पैकिंग प्लांट का लोकार्पण

प्रधानमंत्री मोदी बोले, कृषि और सहकारिता, भारत की विकास यात्रा की आत्मा है 200 एमएल तक की यूएचटी एसेप्टिक पैंकिग होगी इस प्लांट में

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Oct 12, 2025
Inauguration of the state's first UHT aseptic packing plant

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर पूसा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भीलवाड़ा जिला दूध उत्पादक सहकारी संघ के नवनिर्मित यूएचटी एसेप्टिक पैकिंग प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन किया। यह राजस्थान के सहकारिता क्षेत्र का पहला यूएचटी प्लांट है जिसकी क्षमता 200 एमएल तक की एसेप्टिक पैकिंग की है।

खेती-किसानी को मिला नया आयाम

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेती और किसानी हमेशा से हमारी विकास यात्रा का प्रमुख हिस्सा रही हैं। बदलते समय के साथ कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और सरकार का सहयोग मिलना जरूरी है। धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन पर भारत सरकार 35 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च करेगी। आज भारत दुनिया के प्रमुख कृषि उत्पादक देशों में से एक है और किसानों को सरकारी योजनाओं से अभूतपूर्व लाभ मिल रहा है।

भीलवाड़ा डेयरी नवाचार की मिसाल

भीलवाड़ा डेयरी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि यह प्लांट सहकारिता क्षेत्र में तकनीकी क्रांति का प्रतीक बनेगा। इस अत्याधुनिक प्लांट से न केवल राजस्थान के जिलों, बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी उत्पादों की पैकिंग की मांग आएगी। भीलवाड़ा डेयरी ने एक बार फिर साबित किया है कि वह नवाचार और गुणवत्ता में प्रदेश की अग्रणी डेयरी है।

प्रदेश के लिए गर्व का क्षण

आरसीडीएफ की प्रशासक एवं प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज ने कहा कि यह केवल भीलवाड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान और देश के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री ने इस आधुनिक यूएचटी प्लांट का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत 540 करोड़ रुपए के डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट फंड की सहायता से प्रदेश में डेयरियों को तकनीकी रूप से मजबूत किया जा रहा है। राजस्थान के अन्य जिलों के अलावा पडौसी राज्य से भी डिमांड आने लगी है कि उनके प्रोडक्ट को भी हम पैकिंग करें। भीलवाड़ा हमेशा से नवाचारों के लिए प्रसिद्ध है।

46.82 करोड़ से बना अत्याधुनिक प्लांट

भीलवाड़ा डेयरी के प्रबंध संचालक दिव्यम कपूरिया ने बताया कि यह प्लांट भारत सरकार की डीटीसी (जिका) एनपीडीडी कॉम्पोनेंट-बी परियोजना के तहत नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की तकनीकी सहायता से 46.82 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित हुआ है। इस प्लांट में तैयार उत्पाद की शेल्फ लाइफ 6 महीने तक रहेगी। वर्तमान में 180 एमएल पैकिंग में सरस छाछ, सरस लस्सी और सरस क्रीम उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान विधायक लादूलाल पितलिया, नगर निगम के महापौर राकेश पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

Published on:
12 Oct 2025 03:16 pm
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