निरस्त हो रहे ट्यूर प्रोग्राम
भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव का असर अब आम जनजीवन पर पड़ने लगा है। आमतौर पर गर्मियों की छुट्टियों को घूमने-फिरने का अनुकूल समय माना जाता है। परिवार और दोस्तों के साथ लंबी यात्राओं की प्लानिंग महीनों पहले से शुरू हो जाती है, लेकिन वर्तमान हालातों के बीच लोगों की यात्रा योजनाएं एक-एक कर निरस्त होती नजर आ रही हैं।
निजी बस ट्रावेल्स कम्पनी के संचालक कैलाश मूंदड़ा ने बताया कि यात्रा के लिए जाने वाले लोगों ने अपने कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। दिल्ली, जयपुर एवं आगरा के लिए टैक्सी अब नहीं जा रही हैं। क्योंकि ज्यादातर उड़ाने रद्द कर दी गई हैं। साथ ही लोग सुरक्षा कारणों से भी अब यात्रा करना पसंद नहीं कर रहे हैं। लोग जरूरी कार्यों के लिए ही टैक्सी ले रहे हैं। इसके अलावा लोगों ने गुजरात, दिल्ली, जमू-कश्मीर एवं उत्तराखंड जैसे पर्यटन स्थलों के लिए योजना बनाई थी, लेकिन तनाव के बीच निरस्त हो रही हैं।
मई-जून घूमने-फिरने के लिए सबसे व्यस्त महीना होता है, लेकिन इस बार एक के बाद एक लोग अपनी बुकिंग रद्द कर रहे हैं। लोग हालातों को देखते हुए यात्रा से बचना चाह रहे हैं। यह स्थिति केवल बुकिंग रद्द होने तक ही सीमित नहीं है। आगे की संभावित बुकिंग भी थम गई हैं। ट्रेवल एजेंटों, होटलों और टूर ऑपरेटरों का कहना है कि इस सीजन में मिलने वाला व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
होटल मालिकों के अनुसार हर साल मई-जून में बुकिंग फुल रहती है, लेकिन इस बार लगभग 50 प्रतिशत बुकिंग कैंसिल हो चुकी हैं और नए ग्राहक कॉल तक नहीं कर रहे हैं। सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता है। खबरों और सोशल मीडिया के माध्यम से मिल रही जानकारी असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। लोग अब अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि पर्यटन जैसे गतिविधियां पीछे छूट रही हैं। पर्यटन विभाग ने फिलहाल कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किया है।
चार धाम की यात्रा के लिए हो रही बुकिंग
मूंदड़ा ने बताया कि चार धाम की यात्रा को हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण माना गया है। इनमें यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ। यह यात्रा आमतौर पर यमुनोत्री से शुरू होती है, उसके बाद गंगोत्री, केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ धाम की यात्रा होती है। अभी वैष्णो देवी की यात्रा बंद कर रखी है।