Indira Gandhi Credit Card राज्य सरकार ने बेरोजगारों व निम्न आय वर्गं को आर्थिक राहत के लिए 7 अगस्त को इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की लेकिन इस योजना में मिलने वाले ऋण के लिए बैंकों को आदेश जारी करना भूल गई। ऐसे में अब तक एक भी व्यक्ति को ऋण नहीं मिल पाया जबकि जिले में २७०० बेरोजगारों ने आवेदन किए। नगर निकाय ने करीब 13.50 करोड़ के ऋण प्रस्ताव बैंकों को भेजे लेकिन बैंक प्रबंधक कह रहे हैं कि उनको इस योजना के कोई आदेश नहीं मिले हैं।
भीलवाड़ा।
Indira Gandhi Credit Card राज्य सरकार ने बेरोजगारों व निम्न आय वर्गं को आर्थिक राहत के लिए 7 अगस्त को इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की लेकिन इस योजना में मिलने वाले ऋण के लिए बैंकों को आदेश जारी करना भूल गई। ऐसे में अब तक एक भी व्यक्ति को ऋण नहीं मिल पाया जबकि जिले में २७०० बेरोजगारों ने आवेदन किए। नगर निकाय ने करीब 13.50 करोड़ के ऋण प्रस्ताव बैंकों को भेजे लेकिन बैंक प्रबंधक कह रहे हैं कि उनको इस योजना के कोई आदेश नहीं मिले हैं।
सरकार ने जिले की 7 निकायों को 15095 लोगों को ब्याजमुक्त ऋण देने का लक्ष्य तय किया। प्रति व्यक्ति 50 हजार रुपए के हिसाब से कुल 75.47 करोड़ रुपए का ऋ ण बांटना है। 14 सितम्बर से सरकार ने सॉफ्टवेयर चालू किया। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की। अब तक 2700 लोग आवेदन कर चुके हैं। इनकी जांच के बाद कलक्टर ने 2700 लोगों को 13.50 करोड़ रुपए ऋण स्वीकृति के आदेश दिए। आवेदन जिले के विभिन्न बैंकों को भेजे लेकिन अब तक एक भी व्यक्ति को ऋण नहीं दिया गया। आवेदक नगरपरिषद व बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। नगर निकाय भी आवेदनों के लक्ष्य को अभी तक मात्र 18 प्रतिशत पूरा कर पाया है। माना जा रहा है कि सरकार ने आदेश जारी कर दिए लेकिन फाइल अब भी वित्त विभाग के अटकी है। ऐसे में बैंकों के पास भी कोई आदेश नहीं मिले है।
यह है पात्र
शहरी क्षेत्र में निवासरत अनौपचारिक क्षेत्र में सेवा देने वाले व्यापारी जैसे हेयर ड्रेसर, रिक्शाचालक, कुम्हार, खाती, मोची, धोबी, रंग पेंटर व बेरोजगारों को बैंकों के माध्यम से 50 हजार रुपए तक ब्याज मुक्त ऋण एक वर्ष के लिए दिया जाएगा।
स्क्रीनिंग में पास
आवेदनों व पात्र लोगों की जांच के लिए निकाय के आयुक्त या ईओ की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग कमेटी बनाई गई। संबंधित निकाय के आयुक्त-ईओ, अग्रणी जिला प्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र प्रतिनिधि, संबंधित बैंक वरिष्ठ शाखा प्रबंधक तथा जिला परियोजना अधिकारी अथवा जिला प्रबंधक एनयूएलएम संयोजक होते है। यह कमेटी ही आवेदनों के ऋण की पात्रता की जांच करती है। कमेटी में बैंक के अधिकारी शामिल होने के बावजूद पात्र लोगों को ऋण नहीं मिल पा रहा है।
उच्चाधिकारियों को दी रिपोर्ट
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना जिला परियोजना अधिकारी अमृतलाल खटीक ने बताया कि पात्रों से आवेदन लिए जा रहे है। स्वीकृति के बाद भी पात्र लोगों को ऋण नहीं मिलने के बारे में एलडीएम व जिला कलक्टर को बताया है।
अब तक 2700 आवेदन आए
निकाय लक्ष्य आवेदन
भीलवाड़ा 11144 1530
आसीन्द 515 314
गंगापुर 583 184
मांडलगढ़ 430 131
शाहपुरा 940 270
गुलाबपुरा 844 184
जहाजपुर 639 87
कुल 15095 2700