
भीलवाड़ा ।
प्रदेश में चार माह बाद चुनाव है। इसे देखते राज्य सरकार की औद्योगिक जिलों में बदलाव की तैयारी है। इसके लिए भीलवाड़ा सहित 12 जिले चुने हैं। उद्योग आयुक्त कृ ष्ण कुणाल की अगुवाई में अफसरों का दल इन जिलों का दौरा कर विकास की संभावनाओं पर फीड बैक लेंगे। औद्योगिक संगठनों की समस्याएं सुनेंगे और निराकरण का प्रयास करेंगे। सोमवार को उद्योग आयुक्त ने 12 जिलों के उद्योगों अधिकारियों से वीडियो कांफे्रसिंग की। अधिकारियों की टीम 17 व 18 जुलाई को भीलवाड़ा में रहेगी।
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक राहुलदेवसिंह ने बताया कि भीलवाड़ा, अलवर, अजमेर, चित्तौडगढ़, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, जैसलमेर, सिरोही तथा जयपुर चुने गए हैं। इनमें टेक्सटाइल, केमिकल्स, इंजीनियरिंग, फार्मा, माइन्स एण्ड मिनरल्स, एग्रो फूड इंडस्ट्री, मेटल्स, मार्बल सहित अन्य औद्योगिक विकास की संभावना तलाशी जाएगी। भीलवाड़ा में टेक्सटाइल, केमिकल्स, इंजिनियरिंग तथा फार्मा को महत्व दिया गया है। भीलवाड़ा में टेक्सटाइल के बाद सिरेमिक जोन, माइंस एण्ड मिनरल्स उद्योग की संभावना है। हालांकि इनको नहीं जोड़ा गया है। मालूम हो, अजमेर में 16-17, भीलवाड़ा में 17 व 18, चित्तौडग़ढ़ में 18-19, उदयपुर में 19-20 जुलाई को बैठक होगी।
औद्योगिक संगठनों से जानेंगे समस्या
जिले में उद्योगों को क्या समस्या आ रही है, इस बारे में औद्योगिक संगठनों से राय ली जाएगी। 18 जून को बैठक में उद्योगों में निवेश के वातावरण को लेकर मंथन होगा। निर्यात परिदृश्य, औद्योगिक समस्या, राजस्थान इन्वेस्टमेन्ट प्रमोशन स्कीम के तहत उद्योगों में क्या बदलाव लाया जा सकता। उद्यमियों के सामने आ रही समस्या जैसे जमीन, पानी, बिजली के बारे में चर्चा होगी। इससे पूर्व 17 जुलाई को कलक्टर, जिला उद्योग केन्द्र, रीको, राजस्थान राज्य वित्त निगम, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, बिजली तथा जल संसाधन विभाग के अलावा उद्योगों से जुड़े विभाग के अधिकारियों की बैठक लेंगे।
जमीन दे तो विकास
उद्यमियों ने इसे चुनावी वर्ष में कागजी या उद्यमियों को रिझाने की योजना बताई। कहा, वस्त्रनगरी में सरकार जमीन दे तो 2000 करोड़ का निवेश हो सकता है। जमीन के अभाव में मेगा पावरलूम हाथ से जाता दिख रहा है। टेक्सटाइल पार्क निकल चुका है। सिरेमिक जोन को जमीन नहीं मिल रही है।