भीलवाड़ा

उद्योगमंत्री से मिले भीलवाड़ा के कारोबारियों ने कहा गुजरात व मध्यप्रदेश सरकार ने हटाया ई—वे बिल, अब राजस्थान में आप भी तो कुछ करों

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश में 20 मई से लागू इ-वे बिल से टेक्सटाइल उद्यमियों को दिक्कत हो रही है।
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Industry minister meet to busnessmen in bhilwara
Industry minister meet to busnessmen in bhilwara

भीलवाड़ा ।

मेवाड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री एवं भीलवाडा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन का संयुक्त प्रतिनिधि मण्डल ने जयपुर में उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश में 20 मई से लागू इ-वे बिल से टेक्सटाइल उद्यमियों को दिक्कत हो रही है। इन्होंने यार्न व कपड़े को इ-वे बिल से पूर्ण रूप से मुक्त करने का आग्रह किया।

उद्यमियों ने शेखावत को बताया कि गुजरात सरकार ने 19 वस्तुओं के अलावा सभी वस्तुओं को इ-वे बिल से मुक्त कर दिया है। इसमें कपड़ा शामिल है। मध्यप्रदेश सरकार ने केवल 11 वस्तुओं को इ-वे बिल के दायरे में रखा है। वहां भी कपडा एवं यार्न को इ-वे बिल से मुक्त रखा है।

चेम्बर के महासचिव आरके जैन ने बताया कि प्रतिनिधियों ने मेगा पावरलूम कलस्टर का मुद्दा भी शेखावत के सामने उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर इसके लिए प्रयास करें। कहा, भीलवाड़ा के नेशनल हाइवे के पास 100 हेक्टर जमीन दे तो योजना का लाभ मिल सकेगा अन्यथा राजस्थान से पावरलूम कलस्टर छीन जाएगा। प्रतिनिधियों ने ककरोलिया घाटी से पाइप लाइन के जरिए उद्योगों को पानी देने की मांग रखी।


चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष एसएन मोदानी, वीके सोडानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेके बागडोदिया, महासचिव आर के जैन, संयुक्त सचिव केके मोदी, कोषाध्यक्ष वीके मानसिंगका, राजीव मुखिजा, पुष्पेन्द्र बेसवाल, मुकेश पाटोदिया, सुरेश पोद्दार, भीलवाडा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष रामेश्वर काबरा, महासचिव मुकुनसिंह राठौड उपस्थित थे। प्रतिनिधि मण्डल वाणिज्यकर आयुक्त आलोक गुप्ता से भी मिला व इ-वे बिल से यार्न, कपडा एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं को मुक्त करने का आग्रह किया।

Published on:
06 Jun 2018 03:12 pm