सीसी रोड व इन्टरलोकिंक ब्लॅाक में निर्धारित मापदण्डों पर खरा नही उतरने पर भुगतान काटा जाएगा
माण्डल।
पंचायतीराज एंव ग्रामीण विकास विभाग की ओर से बनाई जाने वाली इन्टर लॉक टाइल्स व सीसी रोड की गुणवत्ता जांच के लिए पंचायत समिति में गुण नियत्रंण प्रयोगशाला लगाई गई है।सीसी रोड व इन्टरलोकिंक ब्लॅाक में निर्धारित मापदण्डों पर खरा नही उतरने पर भुगतान काटा जाएगा। लगभग 80 हजार रुपए की लागत की मशीन से अब गुणवत्ता प्रमाण पत्र शीघ्र मिल सकेगा।
नरेगा के सहायक अभियन्ता अब्बास अली खां ने बताया कि इससे पहले गुणवत्ता जांच के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के पास सेम्पल भेजे जाते थे। वहां जिले भर के नमूने जाने से जांच रिर्पाट में देरी होती थी। जब तक जांच रिर्पाट आती है तब तक निर्माण कार्य पूर्ण हो जाते थे। अब पंचायत समिति स्तर पर ही गुणवत्ता की जांच होने से रिर्पाट भी शीघ्र मिल सकेगी।
500 सौ रुपए शुल्क निर्धारित
गुणवत्ता जांच के लिए मशीन लगा दी गई है। इसके लिए 500 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। रिपोर्ट पर ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव व कनिष्ठ लिपिक के हस्ताक्षर के बाद ही नमूने को वैद्य माना जाएगा।
गिर्राज मीणा, विकास अधिकारी माण्डल
फोरी को मिला अपना असली नाम गीता
भीलवाड़ा. राजस्व लोक अदालत 'न्याय आपके द्वार शिविर आमजन के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहे हैं। आमतौर पर राजस्व दस्तावेजों में छोटी दिखाई देने वाली कुछ गलतियां किसी के लिए परेशानी का सबब बन जाती है। कुछ ऐसा ही मामला बिजौलियां खुर्द में आयोजित केम्प के दौरान सामने आया ।
प्रार्थी गीता ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया कि बहुत वर्ष पहले उसके पिता की मृत्यु हो जाने पर राजस्व कर्मियों ने राजस्व दस्तावेजों में उसका नाम फोरी दर्ज कर दिया था। अन्य मूल दस्तावेजों में गीता नाम होने एवं राजस्व दस्तावेजों में फोरी नाम होने के कारण प्रार्थिया को किसी प्रकार का राजकीय लाभ नहीं मिल रहा था। अब शिविर में यह नाम बदलकर गीता हो गया।