संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर के शिष्य और वरिष्ठ दिगंबर संतों में शुमार निर्यापक मुनि योगसागर इन दिनों बिजौलियां के श्रीपार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र में विराजमान हैं। मुनि का यह प्रथम राजस्थान आगमन है, जिसे लेकर पूरे प्रदेश के दिगंबर जैन समाज में हर्ष और उत्साह की लहर है। इसी कड़ी में गुरुवार को भीलवाड़ा […]
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर के शिष्य और वरिष्ठ दिगंबर संतों में शुमार निर्यापक मुनि योगसागर इन दिनों बिजौलियां के श्रीपार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र में विराजमान हैं। मुनि का यह प्रथम राजस्थान आगमन है, जिसे लेकर पूरे प्रदेश के दिगंबर जैन समाज में हर्ष और उत्साह की लहर है। इसी कड़ी में गुरुवार को भीलवाड़ा के आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट का एक प्रतिनिधिमंडल बिजौलियां पहुंचकर मुनि के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
प्रतिनिधिमंडल ने योगसागर ससंघ के चरणों में श्रीफल अर्पित किया। समाजजनों ने पूरी श्रद्धा और भक्ति-भाव के साथ मुनि से बिजौलियां से भीलवाड़ा आरके कॉलोनी जैन मंदिर आने का विनम्र आग्रह किया।
ट्रस्ट के सचिव अजय बाकलीवाल ने बताया कि मुनि योगसागर देश के अत्यंत वरिष्ठ संतों में से एक हैं। उन्हें आचार्य विद्यासागर से द्वितीय क्रम में दीक्षा प्राप्त करने का सौभाग्य मिला था। उनका पहली बार राजस्थान की धरा पर आना पूरे समाज के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है। इस अवसर पर चैनसुख शाह, खेमराज कोठारी, राकेश पहाड़िया, दिलीप अजमेरा एवं राजकुमार सेठी मौजूद थे।