सरकार की योजनाओं में जनाधार की अनिवार्यता से हो रही मुश्किलेंप्रदेश के सभी जिलों में बने हालात, अपडेट नहीं होना बन रहा कारण
भीलवाड़ा. सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का नया पोर्टल जनाधार-2.0 जनता के लिए सिरदर्द बन गया है। कहने को पोर्टल शुरू कर दिया है। हकीकत यह है कि पोर्टल काम ही नहीं कर रहा। इसका कारण नए पोर्टल के अपडेट होने में समय लगना है। पोर्टल के काम नहीं करने से न तो जन आधार डाउनलोड हो रहा न मुखिया और सदस्य का नाम जुड़ पा रहा है।
कमोबेश यह आलम महज भीलवाड़ा में ही नहीं प्रदेश के सभी जिले में यहीं हालात बने हुए हैं। जबकि राजस्थान सरकार ने हर जनहितकारी योजनाओं में जनाधार की अनिवार्यता लागू कर रखी है। गलती से कोई जानकारी अपडेट हो भी जाए तो अधिकारी से सत्यापित होने के बाद जयपुर आवेदन जाता है और उसके बाद संशोधन होता है। ये पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में होती है, जिसमें समय लग जाता है। नए पोर्टल को अपडेशन करने का काम पिछले कई दिनों से चल रहा है।
जनाधार के अभाव में सभी परेशान
पोर्टल की समस्या से सभी परेशान हैं। इन दिनों स्कूल और कॉलेजों में छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) के भरे जाने वाले आवेदन अटके हुए हैं। छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि भी नजदीक है। विद्यार्थी ई-मित्र के चक्कर काट रहे हैं। इसके अलावा नौकरी के आवेदन में ओटीपी नहीं होने से आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। आवेदन के लिए जनाधार जरूरी है।
कई काम प्रभावित
जनाधार के अभाव में आधार कार्ड भी काम नहीं आ रहा। क्योंकि दोनों में सही जानकारी होनी चाहिए। यदि आधार में सही है और जनाधार में नहीं है तो कोई काम नहीं हो सकता। इसके चलते जन्म प्रमाण, मृत्यु प्रमाण, विवाह, मूल निवासी, जाति प्रमाण पत्र आदि नहीं बन रहे हैं। पेंशन का आवेदन भी बुजुर्ग नहीं कर पा रहे हैं।
- मनीष चेचाणी, ई-मित्र संचालक
दो-तीन और परेशानी
जनाधार पोर्टल का काम चल रहा है। पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। इससे लोगों के काम नहीं होने से परेशानी हो रही है। संभावना है कि दो-तीन दिन में नया सॉफ्टवेयर काम करना शुरू कर देगा।
- बीएल आमेटा, जिला सांख्यिकी अधिकारी, भीलवाड़ा