- तीन गांवों में कार्रवाई, कोर्ट स्टे के कारण बची कुछ भट्टियां।
कोटड़ी के खौफनाक कांड से सबक नहीं लेकर बनेड़ा क्षेत्र में चरागाह भूमि को स्वाहा कर रही अवैध कोयला भट्टियों पर सोमवार को प्रशासन का बुलडोजर चल गया। राजस्थान पत्रिका के 15 मार्च के अंक में कोटड़ी के खौफनाक कांड से भी नहीं लिया सबक: बनेड़ा में 200 बीघा चरागाह स्वाहा, धधक रहीं 80 अवैध कोयला भट्टियां' शीर्षक से प्रकाशित समाचार को जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने गंभीरता से लिया। कलक्टर के निर्देश पर बनेड़ा उपखंड प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए 74 अवैध भट्टियों को ध्वस्त कर दिया।
उपखंड अधिकारी श्रीकांत व्यास के नेतृत्व में राजस्व टीम ने क्षेत्र के भटेड़ा, निम्बाहेड़ा कलां और बबराना में दबिश दी। जेसीबी के माध्यम से एक-एक कर अवैध भट्टियों को ढहा दिया गया। एसडीएम व्यास ने बताया कि भटेड़ा में 18, निम्बाहेड़ाकलां में 48 भट्टियों को जमींदोज किया गया। इसके अलावा बबराणा में 8 अवैध भट्टियों पर भी कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने मौके पर ही सभी संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में दोबारा भट्टियों का निर्माण किया तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि कई अवैध भट्टियां अब भी धधक रही हैं, लेकिन उन पर प्रशासन फिलहाल हाथ नहीं डाल सका। एसडीएम ने बताया कि जोधपुर न्यायालय की ओर से कुछ भट्टियों पर स्थगन आदेश जारी किया गया है।
बनेड़ा तहसीलदार के अनुसार बामणिया ग्राम स्थित 200 बीघा से अधिक की चरागाह भूमि पर माफिया ने अंग्रेजी बबूल, नीम और केर के हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी। इन पेड़ों को काटकर कोयला भट्टियों में झोंक दिया गया। पर्यावरण को हो रहे इस बड़े नुकसान का मामला अब एनजीटी में विचाराधीन है।