शांति भवन में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए श्रमणसंघीय प्रवर्तक सुकन मुनि ने कहा कि परमात्मा की वाणी ही संसार में सर्वश्रेष्ठ है। यह केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि मोक्ष का मार्ग दिखाने वाला दिव्य प्रकाश है। उन्होंने ‘उत्तराध्ययन सूत्र’ के माध्यम से विनय को धर्म का मूल बताते हुए कहा कि समर्पण […]
शांति भवन में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए श्रमणसंघीय प्रवर्तक सुकन मुनि ने कहा कि परमात्मा की वाणी ही संसार में सर्वश्रेष्ठ है। यह केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि मोक्ष का मार्ग दिखाने वाला दिव्य प्रकाश है। उन्होंने 'उत्तराध्ययन सूत्र' के माध्यम से विनय को धर्म का मूल बताते हुए कहा कि समर्पण से ही ज्ञान फलता है। सभा में वरुण मुनि ने अरिहंत के वचनों के प्रति समर्पण को मोक्ष का आधार बताया। कार्यक्रम में अखिलेश मुनि और उपप्रवर्तिनी मंजूल ज्योति ने भजनों के माध्यम से भक्ति का संचार किया। शांति भवन के मंत्री नवरतनमल भलावत ने बताया कि शनिवार को मुनिसंघ शांति भवन से विहार कर कुमुद विहार (सेक्टर-3) स्थित कुलदीप सिंह डांगी के निवास पर पहुंचेंगे, जहां रविवार को विशेष धर्मसभा होगी।