बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए सिर्फ स्कूल भेज देना काफी नहीं है
भीलवाड़ा. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर माता-पिता यह मान बैठते हैं कि बच्चे का अच्छे स्कूल में दाखिला करवा देने और फीस भर देने मात्र से उनकी जिम्मेदारी पूरी हो गई है। लेकिन शिक्षाविदों और बाल मनोवैज्ञानिकों का साफ कहना है कि बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए सिर्फ स्कूल भेज देना काफी नहीं है। अगर बच्चे को एक जिम्मेदार और सफल इंसान बनाना है, तो अभिभावकों को भी अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा और पैसिव (निष्क्रिय) के बजाय सक्रिय अभिभावक की भूमिका निभानी होगी।
सुवाणासीबीईओ रामेश्वर जीनगर का कहना है कि शिक्षा केवल स्कूल की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। घर का माहौल और माता-पिता की सक्रिय भागीदारी बच्चे के मानसिक और शैक्षणिक विकास की असली नींव तय करती है।
अभिभावकों को यह समझना होगा कि स्कूल और शिक्षक बच्चे को केवल सही रास्ता दिखा सकते हैं और उसका मार्गदर्शन कर सकते हैं। लेकिन, उस रास्ते पर बच्चे का उंगली पकड़कर चलना सिखाना और उसे भटकने से रोकना पूरी तरह से अभिभावक का ही काम है। बच्चे का भविष्य घर और स्कूल दोनों की साझा मेहनत से ही संवर सकता है।