गंगापुर थाना क्षेत्र के खाखला गांव में दशहरे पर निभाई गई परम्परा ने जिले में एक बार सनसनी फैला दी।
भीलवाड़ा। गंगापुर थाना क्षेत्र के खाखला गांव में दशहरे पर निभाई गई परम्परा ने जिले में एक बार सनसनी फैला दी। नरबलि चढ़ाकर बच्चे का कटा सिर खाट (पलंग) पर रखकर गांव में शोभायात्रा के रूप में घूमाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे के होश उड़ गए। आनन-फानन में पुलिस अधिकारी गांव की ओर दौड़े। जांच की तो मामला फर्जी निकला। जादूगर के रूप में जाने वाले खाखला गांव में ग्रामीणों ने ट्रिक के आधार पर कटा सिर रखा था।
जानकारी के अनुसार दशहरे पर खाखला गांव में परम्परा है कि जवारा विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाली जाती है। इस दौरान गांव में शुक्रवार को शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में पलग पर रखी थाली में बालक का कटा सिर रहा हुआ था।
इस पलंग को चार जनों ने उठा रखा था और शोभायात्रा में सबसे आगे थे। आगे चल रहे एक व्यक्ति ने तलवार पकड़ रखी थी। तलवार पर खून लगा था। बड़ी संख्या में ग्रामीण शोभायात्रा में शामिल थे।
किसी ने शोभायात्रा में पलंग पर रखा बालक का कटा सिर का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो से नरबलि की आशंका पर सनसनी फैली दी। इसका पता चलने पर गंगापुर थानाधिकारी रामवीर जाप्ते के साथ गांव पहुंचे।
जांच में सामने नरबलि का मामला नहीं था। बल्कि जादू की तरह ट्रिक दिखाते हुए बालक का सिर उस पर रखा गया। एेसा लगा रहा था कि मानो सिर को धड़ से अलग करके उसमें रखा गया हो। पुलिस के सामने ट्रिक को दिखाया गया। पुलिस ने जिस बच्चे का सिर थाली में रखा था उसे सामने देखकर सांस में सांस आई।
इनका कहना है
नरबलि का मामला अफवाह निकला। जांच में सामने आया कि ग्रामीणों ने परम्परा के अनुसार ट्रिक के आधार पर बच्चे का सिर थाली में रखा था। हालांकि इस गांव में जादू के नाम से भी जाना जाता है। पुलिस की आईटी सेल से भी वीडियो का खण्डन करवाया गया था।
रामवीर थानाधिकारी, गंगापुर