जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मुलभूत सुविधाओं का अभाव जीते जी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनता ही है
भीलवाड़ा।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मुलभूत सुविधाओं का अभाव जीते जी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनता ही है लेकिन मरने के बाद भी गांव में व्याप्त असुविधाएं उनका पीछा नहीं छोड़ती है। पंचायतों की लापरवाही का दंश ग्रामीण मौत के बाद भी झेलने को मजबूर है। एेसी ही लापरवाही बुधवार को उजागर हुई जब आसीन्द की बराणा पंचायत के सुलवाड़ा में वृद्ध प्रताप की मौत के बाद ग्रामीण शव को बारिश के बीच श्मशान लेकर पहुंचे वहां देखा तो वहां के टीन शेड गायब थे।
ग्रामीणों ने शव को वहां पाल लगाकर लकडि़यों से अंतिम संस्कार करना चाहा लेकिन हो नहीं पाया। परेशान ग्रामीणों ने शव को जलाने के लिए केरोसीन डाला फिर भी कामयाब नहीं हो पाए। अंत में ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद शव पर बस के टायरों को रखकर उसका अंतिम संस्कार किया।
ग्रामीणों ने बताया कि एक साल पहले घटिया निर्माण के कारण आंधी में श्मशान के टीन शैड उड़ गए थे इसके बाद ग्राम पंचायत की ओर से ना तो टीन शेड लगवाए गए और ना ही कोई अन्य व्यवस्था की गई एेसे में वर्षाकाल में ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दो घंटे तक नहीं हो सका अंतिम संस्कार
मांडलगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत गेणोली में श्मशान घाट में टीन शेड नहीं होने से बुधवार को एक शव का दो घंटे तक ग्रामीण अंतिम संस्कार नहीं कर पाए। ग्रामीण महावीर सेन ने बताया कि गांव में एक मौत हो जाने पर ग्रामीण शव को लेकर श्मशान घाट पहुंचे जहां पर बरसात होने के कारण 2 घंटे तक शव मेंआग नहीं लगी। जिससे परिजन व ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ा ।