नहीं लगेगा भारत में सूतक
भीलवाड़ा।
Last solar eclipse of the year on 4th साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर को लगेगा। ज्योतिष में ग्रहण अशुभ घटना मानी जाती है। इस वजह से ग्रहण के दौरान शुभ कार्य और पूजा पाठ वर्जित है। मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य पीडि़त हो जाते हैं, जिस कारण सूर्य की शुभता में कमी आ जाती है। पंडित अशोक व्यास ने बताया कि चंद्र ग्रहण के बाद साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर दिन शनिवार को लगेगा। इस दिन मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर की सुबह 10.59 बजे शुरू होगा, जो दोपहर 3.7 बजे समाप्त होगा।
भारत में नहीं देगा दिखाई
इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा। साल का आखिरी सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमरीका में दिखाई देगा। व्यास के अनुसार भारत में दिखाई नहीं देने से इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। वैसे तो सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। यह ग्रहण उपछाया होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्ण ग्रहण होने पर ही सूतक काल मान्य होता है। आंशिक या उपछाया होने पर सूतक नियमों का पालन अनिवार्य नहीं होता है।