
भीलवाड़ा. विधानसभा चुनाव की रणभेरी एक सप्ताह में कभी भी बज सकती है। जैसे ही आचार संहिता लगेगी, मंत्रियों से लेकर विधायकों की गाड़ियां, गनमैन, कर्मचारी वापस लिए जाएंगे। जिला प्रमुख से लेकर सभापति, बोर्ड के अध्यक्षों की भी गाड़ियां व अन्य सुविधाएं छिन जाएगी। ऐसे में नेता चुनाव से पहले ही अन्य गाड़ियों की व्यवस्था में लगे हैं। कुछ नेताओं को चुनाव में गनमैन चाहिए। वे निजी सुरक्षा पर काम कर रहे हैं।
इस माह के दूसरे सप्ताह में केंद्रीय निर्वाचन आयोग विधानसभा चुनाव की घोषणा कर सकता है। इसके बाद जन प्रतिनिधियों से राजकीय सुविधा तत्काल वापस ली जाएगी। पीए आदि अपने मूल विभागों में जाएंगे।
इन्हें मिले हैं सरकारी वाहन और कर्मचारी
मंत्रियों व विधायकों के अलावा जिला स्तर पर सरकारी वाहन जिला प्रमुख, नगर परिषद के सभापति, पंचायत समितियां के प्रधान, सरस डेयरी के अध्यक्ष व अन्य कई जन प्रतिनिधियों को मिले हैं। इनमें कई नेताओं के पास सरकारी लिपिक भी निजी सहायक लगे हैं तो कुछ को सरकारी अंगरक्षक मिले हैं। कुछ सरकारी कर्मचारी नेताजी के सरकारी आवास पर लगाए गए हैं। आचार संहिता लगने के बाद तमाम सुविधाएं राज्य सरकार अधिग्रहित कर लेगी। मंत्रियों और बोर्ड निगम के अध्यक्ष, उपाध्यक्षों को सभी सुविधाएं राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराई हुई हैं। यह भी आचार संहिता लगते ही वापस कर दी जाएंगी।