सामूहिक दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में दोषी मानते हुए बुधवार को सवाईपुर निवासी प्रभुलाल बलाई को उम्रकैद की सजा सुनाई
भीलवाड़ा।
अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय (महिला उत्पीडऩ मामलात) ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में दोषी मानते हुए बुधवार को सवाईपुर निवासी प्रभुलाल बलाई को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं 76 हजार रुपए जुर्माने के आदेश दिए। इस मामले में दो बाल अपचारियों पर बाल न्यायालय में मामला चल रहा है।
प्रकरण के अनुसार कोटड़ी थाना सर्किल में मोबाइल कम्पनी के टावर पर चौकीदारी करने वाला एक व्यक्ति बाहर गया था। पीछे उसकी पत्नी और बच्चे टपरी में रह रहे थे। 14 मई 2013 की रात को दरवाजा खटखटाने पर महिला ने दरवाजा खोला। तीन जने जबरन टपरी में घुस गए। दरवाजे से टकराने से महिला के चोट आई। इस दौरान तीन जनों ने महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया।
घटना के समय महिला के बच्चे भी कमरे में सोए थे। घटना के बाद तीनों भाग छूटे। छीना झपट्टी में एक अभियुक्त की अंगूठी व एक शर्ट का बटन वहीं रह गया। महिला जैसे-तैसे पति के पास गई। उसे जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
केस ऑफिसर स्कीम में लिया मामला
कोटड़ी पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। आला अधिकारियों ने कोटड़ी में डेरा डाला। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपियों की पहचान कर प्रभु बलाई को गिरफ्तार किया व दो बाल अपचारियों को निरूद्ध किया गया। मामले को केस ऑफिसर स्कीम में लिया। अधिकारी एएसआई ओमप्रकाश वैष्णव को बनाया गया। एएसआई वैष्णव ने तारीख पेशी पर उपस्थित होकर गवाहों के बयान कराए। विशिष्ट लोक अभियोजक सविता शर्मा ने अभियुक्त प्रभु के खिलाफ गवाह और दस्तावेज पेशकर आरोप सिद्ध किया। अदालत ने प्रभु को उम्रकैद की सजा सुनाई।
ये भी पढ़ें