
भीलवाड़ा।
केन्द्रीय सहकारी बैंकों से जुड़ी ग्राम सेवा सहकारी समितियों के उन सदस्यों को पहले फसली ऋण मिलेगा जिन्होंने ऑनलाइन पंजीयन करवाया है। शुरुआत ११ जुलाई को जयपुर में होगी। इसमें प्रदेश के दो हजार किसान हिस्सा लेंगे। चुनिन्दा किसानों को मौके पर ही ऑनलाइन ऋण दिया जाएगा। इसके लिए किसानों के दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। प्रदेश में प्रथम चरण में २५ लाख किसानों को ऋण का लक्ष्य है। इनमें अब तक ४.६० लाख ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। इनमें ३६ हजार के आवेदनों को समितियों ने बैंकों को भेज दिया है। शाखा स्तर पर १२,५०० को मंजूरी दे दी है। एक हजार के ऋण आवेदन का सत्यापन हो पाया है। अब तक प्रदेश में ४ किसानों को ऋण मिला है। पंजीकृत किसानों में ४६,०७३ महिलाएं व ४ लाख १० हजार पुरुष तथा ४३ अन्य श्रेणी के हैं।
दी राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक इन्दरसिंह ने बैंकों को आदेश दिए कि नई व्यवस्था में फसली ऋण वितरण ऑनलाइन पोर्टल से बंटेगा ताकि पारदर्शिता रहे। नए एवं वंचित किसानों को ऋण का रास्ता खुलेगा। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने वाले किसानों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर ऋण दिया जाएगा। आधार कार्ड आधारित सत्यापन से ऋण वितरण की व्यवस्था से सही किसान को ऋण का लाभ मिलेगा।
काश्तकारों को किया सावधान
सरकार ने किसानों को ऋण के लिए 3 जून से ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया। इस पर पंजीयन पर ही किसान को फसली ऋण दिया जाएगा। ऋण ३१ अगस्त तक दिया जाएगा। सिंह ने कहा कि किसान किसी व्यवस्थापकों की बातों में न आए कि भविष्य में ई-मित्र पर ऑनलाइन पंजीयन नहीं होंगे। पूर्व में किए पंजीयन भी निरस्त होंगे। व्यवस्थापक किसानों में भ्रम फैला रहे हैं जबकि ई-मित्र से किसानों के ऑनलाइन पंजीयन जारी रहेंगे। पूर्व में हुए पंजीयन को निरस्त होने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। जयपुर में होने वाले समारोह में भीलवाड़ा जिले के ३० किसान हिस्सा लेंगे।