पंचांग के अनुसार गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 22 जनवरी से हो रही है।
इस साल की पहला नवरात्र 22 जनवरी को माघ गुप्त नवरात्र का प्रारंभ सिद्धि योग में होगा। गुप्त नवरात्र 22 से 30 जनवरी तक पूरे 9 दिन रहेंगे। ये गुप्त नवरात्र माघ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तक होंगे। मां दुर्गा को उपासक 9 दिन तक गुप्त तरीके से शक्ति साधना और तंत्र सिद्धि करते हैं। गुप्त नवरात्र को गुप्त साधना और विद्याओं की सिद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि माघ गुप्त नवरात्र का प्रारंभ सिद्धि योग में होगा। इस दिन सुबह 10.06 बजे तक वज्र योग है। उसके बाद से सिद्धि योग है, जो अगले दिन सुबह 5.41 बजे तक है। ऐसे में माघ गुप्त नवरात्र का कलश स्थापना सिद्धि योग में होगा। कलश स्थापना के समय अभिजीत मुहूर्त में सिद्धि योग के होने से कार्य की सिद्धि होती है।
व्यास ने बताया कि 25 जनवरी को विनायक चतुर्थी का व्रत किया जाएगा। 26 जनवरी को देवी सरस्वती का प्रकटोत्सव बसंत पंचमी के रूप में मनाया जाएगा। 28 जनवरी को अचला और रथ सप्तमी का पर्व रहेगा। इस दिन देवनारायण भगवान की जयन्ती मनाई जाएगी। 29 जनवरी को भीष्म अष्टमी का व्रत किया जाएगा। गुप्त नवरात्र के अंतिम दिन 30 जनवरी को महानंद नवमी का उत्सव मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार ये विक्रम संवत्सर 2079 के अंतिम नवरात्र होंगे।
पूरे वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, जिसमें दो गुप्त नवरात्रि और दो प्रकट नवरात्रि होती हैं। माघ और आषाढ़ माह में गुप्त नवरात्रि होती हैं और प्रकट नवरात्रि में चैत्र नवरात्रि तथा आश्विन माह की शारदीय नवरात्रि होती है। मां दुर्गा की पूजा के लिए इन चार नवरात्रियों का उल्लेख है।