भीलवाड़ा जिले में अवैध खनन और राजस्व बकाया को लेकर खनिज विभाग अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 250 से अधिक खनन पट्टा धारकों (लीज होल्डर्स) को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन पट्टा धारकों पर लंबे समय से ‘डेड रेंट’ (स्थिर भाटक) और […]
भीलवाड़ा जिले में अवैध खनन और राजस्व बकाया को लेकर खनिज विभाग अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 250 से अधिक खनन पट्टा धारकों (लीज होल्डर्स) को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन पट्टा धारकों पर लंबे समय से 'डेड रेंट' (स्थिर भाटक) और शास्ति राशि बकाया है। विभाग ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर बकाया जमा कराकर साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए, तो उनके खनन पट्टे निरस्त कर दिए जाएंगे और परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राशि भी जब्त कर ली जाएगी।
खनिज अभियंता महेश शर्मा ने इन नोटिसों में स्पष्ट किया गया है कि पट्टा धारकों ने 'राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियमावली 2017' और 'खनिज (परमाणु एवं हाइड्रोकार्बन ऊर्जा से भिन्न) रियायत नियम 2016' की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन किया है। भीलवाड़ा, आसींद, शाहपुरा, जहाजपुर, फुलिया, और मांडल तहसील सहित जिले के कई क्षेत्रों में क्वार्ट्ज, फेल्सपार और मेसनरी स्टोन की खदानों पर यह कार्रवाई की गई है।
नोटिस के अनुसार पट्टा धारकों को नोटिस प्राप्ति के 30 से 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट साक्ष्यों सहित कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। ग्राम तिलोली के पास एमएल संख्या 52/2001 के धारक को 40 हजार रुपए की बकाया राशि के लिए नोटिस दिया गया है। इसी प्रकार ग्राम मालीखेड़ा मांडल के पास एमएल संख्या 40/2003 के धारक को 41 हजार रुपए के बकाया पर चेतावनी दी गई है। इस तरह करोड़ों रुपए बकाया होने पर जिले भर के 250 से अधिक लीज धारकों को नोटिस जारी किए है।
विभाग राजस्व वसूली को लेकर गंभीर है। जिन पट्टा धारकों ने नियमों का उल्लंघन किया है या बकाया जमा नहीं कराया है, उन्हें नोटिस दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार पट्टे खंडित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
-महेश शर्मा, खनिज अभियंता, भीलवाड़ा