कलक्टर के निर्देश पर एक्शन में प्रशासन: अलीनगर, खातन खेड़ी और मेघरास सहित दो दर्जन गांवों में चला 'पीला पंजा'
भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा तहसील क्षेत्र में चरागाहों को निगल कर लंबे समय से बेखौफ धधक रहीं अवैध कोयला भट्टियों के खिलाफ बुधवार को प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। 'राजस्थान पत्रिका' द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिला कलक्टर ने इसे गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर उपखंड प्रशासन व राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस के भारी जाप्ते के साथ संयुक्त अभियान चलाकर क्षेत्र की 279 अवैध कोयला भट्टियों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई से अवैध कोयला कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
बनेड़ा उपखंड अधिकारी श्रीकांत व्यास ने बताया कि प्रशासनिक टीम ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत विभिन्न गांवों में अचानक दबिश दी। अवैध रूप से संचालित इन कोयला भट्टियों को मौके पर ही चिह्नित किया गया और जेसीबी व श्रमिकों की मदद से उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
एसडीएम व्यास के अनुसार, दो दर्जन से अधिक गांवों में कार्रवाई की गई। मुख्य रूप से निम्नलिखित स्थानों पर भट्टियां तोड़ी गईं:
उल्लेखनीय है कि प्रशासन ने इससे पूर्व 16 मार्च को भी कार्रवाई करते हुए 74 अवैध कोयला भट्टियों को जमींदोज किया था।
इन अवैध भट्टियों से लगातार निकलने वाले जहरीले धुएं के कारण क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो गया था, जिससे ग्रामीणों को सांस व स्वास्थ्य संबंधी गंभीर बीमारियां घेर रही थीं। भट्टियां नष्ट होने से स्थानीय निवासियों ने बड़ी राहत महसूस की है। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि क्षेत्र में ऐसी अवैध गतिविधियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। यदि भविष्य में पुनः भट्टियां संचालित पाई गईं, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
'राजस्थान पत्रिका' ने अपने 15 मार्च के अंक में "कोटड़ी के खौफनाक कांड से भी नहीं लिया सबक: बनेड़ा में 200 बीघा चरागाह स्वाहा, धधक रहीं 80 अवैध कोयला भट्टियां" शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस काले कारोबार का भंडाफोड़ किया था। इसी रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए जिला कलक्टर ने त्वरित कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप यह विशाल ध्वस्तीकरण अभियान सफल रहा।