भीलवाड़ा . इस बार खरमास (मलमास) का महीना 16 दिसंबर से शुरू होगा। यह अगले साल 14 जनवरी को समाप्त होगा। इस दौरान विवाह, सगाई, यज्ञ, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य नहीं होंगे।
भीलवाड़ा . इस बार खरमास (मलमास) का महीना 16 दिसंबर से शुरू होगा। यह अगले साल 14 जनवरी को समाप्त होगा। इस दौरान विवाह, सगाई, यज्ञ, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य नहीं होंगे। इस दौरान नया घर या वाहन आदि खरीदना वर्जित हैं। माना जाता है कि इस माह में सूर्य की गति धीमी हो जाती है। इस कारण शुभ काम सफल नहीं होते हैं। खरमास पूरे एक माह तक रहता है।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि दिसंबर में 16 तारीख से खरमास शुरू हो रहा है। यह मकर संक्रांति तक चलेगा। सूर्य देव के एक राशि से दूसरे राशि में स्थान बदलते हैं उस दिन को संक्रांति कहा जाता है। सूर्य देव दिसंबर महीने में धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इससे खरमास लग रहा है। नए साल 2023 में सूर्य देव 14 जनवरी को धुन राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, तो मकर संक्रांति पड़ेगी। 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक मलमास के दौरान शादी-विवाह आदि कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है।
पंडित व्यास ने बताया कि साल में दो बार मलमास लगता है। जब सूर्य मार्गी होते हुए बारह राशियों में एक से दूसरी राशि में भ्रमण करते हैं तो इस दौरान बृहस्पति के आधिपत्य वाली राशि धनु और मीन में जब सूर्य का प्रवेश होता है तो मलमास लगता है। इस तरह से मार्च में जब सूर्य मीन में प्रवेश करते हैं तब मलमास लगता है तो वहीं दिसंबर में जब सूर्य धनु में प्रवेश करते हैं तब मलमास लगता है। इस समय सूर्य की उपासना करने का विशेष महत्व माना जाता है। खासतौर पर जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में हो उन्हें मलमास के दौरान सूर्य उपासना अवश्य करनी चाहिए।