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भीलवाड़ा।
भीलवाड़ा महिला अरबन कॉपरेटिव बैंक में हुए करीब पचास करोड़ के घोटाले के मामले के मास्टरमाइंड सीए रविन्द्र बोरिदया को स्पेशल ऑपरेशन गु्रप (एसओजी) उदयपुर की टीम ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। बोरदिया को जोधपुर एसओजी ने टीम ने सुबह हिरासत में लिया। उसेउदयपुर लाकर गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने आरोपी शाम को भीलवाड़ा स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट की अदालत में पेश किया, जहां से चार दिन के रिमाण्ड पर भेजा गया।
एसओजी उदयपुर के यूनिट प्रभारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा ने बताया कि मास्टरमाइंड रविन्द्र के जोधपुर में छिपे होने का पता चला। इस पर जोधपुर एसओजी ने सुबह छह बजे एक मकान से हिरासत में ले लिया। अब तक की जांच में बैंक में करीब पचास करोड़ का घोटाला सामने आया है। रविन्द्र के कहने पर ही फर्जी तरीके से लोन उठाए गए थे।
पहला मामला दर्ज, पहली में ही गिरफ्तारी
2 मार्च 2016 को 75 लाख की जालसाजी का पहला मामला कोतवाली में दर्ज हुआ था। गाडरमाला निवासी कन्हैयालाल कीर ने मामला दर्ज कराया। इसमें बैंक की तत्कालीन अध्यक्ष कीर्ति बोरदिया, उसके पति रविन्द्र बोरदिया, बैंक की प्रबंध संचालक नीतू पीपाड़ा, सीए अमित मेहता समेत गोठू सिंह, पवनकुमार जैन, अख्तरी बेगम, एेजन देवी, लक्ष्मी कुमारी, जाकिर हुसैन तथा बैंक के ऋण अधिकारी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। इसी मामले में बोरदिया की गिरफ्तारी हुई है।
यह लगाया आरोप
एएएसपी शर्मा के अनुसार परिवादी कन्हैयालाल आरोपित गोठू सिंह का परिचित था। गोठू सिंह ने नागौरी गार्डन स्थित अनंत प्लाजा में रविन्द्र और अन्य लोगों से मिलाया। उन्होंने कन्हैया लाल को साथ काम करने का प्रलोभन दिया। विश्वास में आकर साथ कार्य करने की सहमति दे दी। रविन्द्र ने बैंक में परिवादी का बचत खाता खुलवाया और उसके नाम की चेकबुक जारी कर हस्ताक्षर करवाकर अपने पास रख ली।