
हुरड़ा।
कस्बे में सोमवार रात को विवाहिता ने गांव स्थित तालाब में कूदकर जान दे दी। घर से निकलने से पहले मुख्य दरवाजे को बाहर से बंद कर गई। रातभर परिजन उसकी तलाश करते रहे। इस बीच मंगलवार सुबह तालाब किनारे उसका शव मिला। महिला का एक माह पूर्व ही प्रसव हुआ था। उसने पुत्र को जन्म दिया था।
पुलिस के अनुसार हुरड़ा निवासी चेतन दास कामड़ की २५ वर्षीय पुत्री पिंकी का दो साल पूर्व भीलवाड़ा में नाता विवाह हुआ था। प्रसव के कारण वह हुरड़ा स्थित पीहर आई थी। गत ५ अक्टूबर को उसने पुत्र को जन्म दिया। पिछले दो दिनों से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इस बीच सोमवार देर रात १७ दिन के बच्चे को छोड़कर लघुशंका के बहाने घर से बाहर आई। उसने मुख्य दरवाजे की बाहर से कुंदी लगा दी।
बच्चा रोया तो चला पता, रातभर तलाशते रहे
देर रात नवजात के रोने पर घर में मौजूद अन्य परिजनों को नींद खुल गई। उन्होंने पिंकी की तलाश की। दरवाजा खोलकर बाहर जाने लगे तो बाहर से कुंदी लगी मिली। पडोसियों को बुलवा कर कुंदी खुलवाई। उसकी गांव में काफी तलाश की। इस बीच मंगलवार सुबह बरेली तालाब के किनारे किसी ने पिंकी का शव देखा। बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए। परिजन भी वहां पहुंचे और शव की पहचान की। सूचना पर गुलाबपुरा पुलिस और उपखण्ड अधिकारी वहां पहुंचे। ग्रामीणों के सहयोग से शव बाहर निकाल मोर्चरी में रखवाया। वहीं भीलवाड़ा में ससुराल पक्ष को सूचना दी गई।