भीलवाड़ा

विधायक रामलाल जाट  ने हटवा दिया तहसीलदार

मांडल से कांग्रेस विधायक रामलाल जाट एक बार फिर विवादों में है। उन पर पिछले दिनों हुरड़ा तहसीलदार स्वाति झा को फोन पर धमकाने, अभ्रदता करने और एपीओ कराने का आरोप लगा है। इस बीच स्वाति झा एपीओ आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट से स्थगन आदेश ले आई है।

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MLA Ramlal Jat removed Tehsildar

भीलवाड़ा। मांडल से कांग्रेस विधायक रामलाल जाट एक बार फिर विवादों में है। उन पर पिछले दिनों हुरड़ा तहसीलदार स्वाति झा को फोन पर धमकाने, अभ्रदता करने और एपीओ कराने का आरोप लगा है। इस बीच स्वाति झा एपीओ आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट से स्थगन आदेश ले आई है। राजस्थान तहसीलदार सेवा परिषद ने मुख्यमंत्री को शिकायत कर इस तरह की घटनाओं की पुनरावृति रोकने की मांग की है। विधायक रामलाल जाट ने उन पर लगे आरोपों को निराधार बताया।


इस तरह हुआ विवाद

हुरड़ा तहसील में स्वाति झा गत २२ अक्टूबर २०२० से तहसीलदार है। गत २१ मई को वह कार्यालय में काम कर रही थी। इसी दौरान तीन व्यक्तियों ने नायब तहसीलदार पर अविलंब नकल तैयार कराने का दबाव बनाया। काम न करने पर तीनों ने विधायक रामलाल जाट से बात करने की धमकी दी। इस घटना के कुछ समय बाद तीनों व्यक्ति फिर आए और तहसीलदार झा पर विधायक जाट से अपने फ ोन से बात करने के लिए दबाव बनाया। इस पर तहसीलदार ने स्वयं के मोबाइल से जाट से बात की।

मोबाइल फोन पर धमकाया

आरोप है कि विधायक जाट ने तहसीलदार को फोन पर धमकाते हुए अभद्रता की। इसके कुछ ही घंटों के बाद राजस्व मंडल अजमेर ने एक आदेश जारी कर तहसीलदार स्वाति झा को एपीओ कर दिया। इसके बाद तीनों व्यक्तियों ने सांयकाल तहसीलदार निवास पर कार्य करने वाले एक व्यक्ति के साथ मारपीट की और अपशब्द कहे। उक्त प्रकरण की रिपोर्ट पुलिस थाना गुलाबपुरा में भी भेजी गई।

कलक्टर ने जारी किए आदेश

जिला कलक्टर शिव प्रसाद नकाते ने राजस्व मण्डल अजमेर के एक आदेश का हवाला देते हुए स्वाति को २१ मई को एपीओ कर दिया। आदेश में एपीओ के पीछे प्रशासिनक कारणों का हवाला दिया गया।

जाट को भी बनाया पक्षकार

स्वाति ने एपीओ आदेश के खिलाफ राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में याचिका दायर की। इसमेंं राज्य सरकार, राजस्व मंडल के अध्यक्ष, राजस्व मण्डल के उप निदेशक के साथ ही मांडल विधायक रामलाल जाट को भी पक्षकार बनाया। हाई कोर्ट ने २६ मई को इस पर सुनवाई करते हुए झा को एपीओ करने के आदेश पर रोक लगा दी। हाई कोर्ट से स्टे मिलने के बाद स्वाति झा ने बुधवार को फिर से कार्यभार संभाल लिया।


'' तहसीलदार के साथ मैंने कोई दुव्र्यवहार नहीं किया, ना ही अमर्यादित शब्दों का उपयोग किया। ऐसे साक्ष्य है तो वे सामने लाए। तहसीलदार की कार्यशैली उचित नहीं है, सिविल कोर्ट ने जिस मामले में स्थगन दे रखा है, उसमें नियम विरूद्ध तरीके से नामांतरण खोला गया, नकल मांगने के लिए महिला कार्यकर्ता कई दिनों से चक्कर लगा रही है। मैंने तहसील कार्यालय में कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं होने पर समझाइश की थी
- रामलाल जाट, विधायक मांडल

मैं प्रशासनिक कार्य एवं जनसेवा के प्रति समर्पित हूं। मैंने अपनी बात राजस्थान तहसीलदार सेवा परिषद में रखी। एपीओ आदेश के खिलाफ मुझे हाईकोर्ट से स्टे मिला है। मैंने कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
- स्वाति झा, तहसीलदार हुरड़ा

सरकार मामले में ले प्रसंज्ञान
स्वाति झा ने परिषद के समक्ष पक्ष रखा। इसके बाद हमने विधायक जाट व स्वाति के बीच हुई बातचीत का ऑडियो सुना। इसमें विधायक जाट ने संवैधानिक पद पर होते हुए जो भाषा उपयोग की, वह अमर्यादित थी। सीएम को आज ईमेल के जरिए समूचे मामले से अवगत कराया। सरकार इसमें संज्ञान लें।

विमलेन्द्र राणावत, अध्यक्ष, राजस्थान तहसीलदार सेवा परिषद

Published on:
28 May 2021 11:26 am
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