पुराने भीलवाड़ा के बाशिंदों के लिए यह खबर राहत भरी है। तीन सप्ताह से उत्पात मचा रहे करीब दो दर्जन बंदरों को आखिर शनिवार को पकड़ लिया गया।
भीलवाड़ा। पुराने भीलवाड़ा के बाशिंदों के लिए यह खबर राहत भरी है। तीन सप्ताह से उत्पात मचा रहे करीब दो दर्जन बंदरों को आखिर शनिवार को पकड़ लिया गया। तीन सप्ताह में बंदरों ने 100 से अधिक लोगों को काट लिया था। इनमें कुछ लोगों को 15 से अधिक टांके आए तो कुछ को अहमदाबाद तक रैफर करना पड़ा। यहां के धानमंडी, कसारा बाजार, आमलियों की बारी क्षेत्र में बंदर लगातार उत्पात मचा रहे थे।
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नगर परिषद आयुक्त हेमाराम ने बताया कि जयपुर से शुक्रवार देर रात टीम भीलवाड़ा पहुंची। टीम ने शनिवार को 9 घंटे में अलग-अलग स्थानों से 25 से अधिक बंदरों को पकड़ लिया। इनमें दोनों बंदर भी शामिल हैं, जिन्होंने सर्वाधिक आंतक मचाया। बंदरों को मेडिकल जांच के बाद मेनाल के जंगल में छोड़ा जाएगा। सभापति राकेश पाठक ने बताया कि टीम ने 25 बंदरों को पिंजरे में कैद किया। इस दौरान बंदरों ने 3 लोगों को काट लिया। एक व्यक्ति के 8 टांके लगे हैं।
बारिश के कारण मथुरा से नहीं आ पाई टीम
पुराने भीलवाड़ा शहर की कई कॉलोनिया में में आतंक मचा रहे बंदरों को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने पहले मथुरा से टीम बुलाई। बारिश के कारण मथुरा की टीम भीलवाड़ा नहीं पहुंच पाई। इसके बाद नगर परिषद ने जयपुर से टीम बुलाई। जयपुर से टीम 7 पिंजरे, एयरगन, जाल आदि साथ लाई थी। नगर परिषद व वन विभाग के कर्मचारियों को टीम के साथ भेजा। जयपुर की टीम ने परिषद व वन कर्मचारियों को साथ लेकर बंदरों को पिंजरों में कैद किया।