शहर का पुराना भीलवाड़ा क्षेत्र बंदरों के आतंक से कांप उठा है। बंदरों ने शुक्रवार को 16 जनों को काट लिया। इनमें कई को हालत गंभीर होने से एमजीएच में भर्ती कराया गया।
भीलवाड़ा | शहर का पुराना भीलवाड़ा क्षेत्र बंदरों के आतंक से कांप उठा है। बंदरों ने शुक्रवार को 16 जनों को काट लिया। इनमें कई को हालत गंभीर होने से एमजीएच में भर्ती कराया गया। बीस दिन में 100 से अधिक लोग बंदरों के काटने पर अस्पताल पहुंचे। बंदरों का आतंक इस कदर है कि लोग घरों से निकलने से बचने लगे हैं। कुछ गली-मोहल्ले में अघोषित कर्फ़्यू है। मोहल्लों में लोग लाठियां लेकर दिनभर पहरा देते हैं।बच्चों को घरों से नहीं निकलने दिया जा रहा। महिलाओं ने खुद को घरों में कैद कर लिया। इतना होने के बावजूद नगर परिषद व वन विभाग के अफसर लापरवाही की चादर ओढ़े हैं। इससे लोगों में रोष है।
चार दिन से आ रही ‘टीम’
क्षेत्र के मंगल चौक निवासी विजय कुमार का कहना है कि बंदरों के आतंक की शिकायत नगर परिषद से कर तंग आ गए। चार दिन से अफसर कह रहे कि बंदर पकड़ने के लिए मथुरा से टीम बुलाई है लेकिन अब तक अता-पता नहीं है। बंदर लगातार हमले कर रहे है। घरों से निकलना दुभर है। परिषद टीम दोपहर में आई व ड्रोन उड़ा बंदरों का पता लगाने की कोशिश की।
बंदरों ने बोला हमला, हाथ-पैर पर आए 18 टांके
मंगला चौक के सतीश तोषनीवाल शुगर के मरीज हैं। सुबह घर के बाहर बैठे दवा ले रहे थे कि बंदरों ने हमला कर दिया। सतीश चिल्लाए तो मोहल्ले व परिजन लाठियां लेकर बंदरों के पीछे दौड़े। बंदर सतीश को लहूलुहान कर चुके थे। उन्हें एमजीएच ले जाया गया, जहां हाथ और पैर में 18 टांके आए। उनको भर्ती कर लिया।
बंदरों को पकड़ने के लिए जयपुर व भरतपुर नगर निगम से सम्पर्क किया। पूरे राजस्थान में मथुरा की टीम ही बंदर पकड़ती है। मथुरा से टीम आ चुकी है। पकड़ने के लिए पिंजरा भी मंगवा रहे हैं। - हेमाराम, आयुक्त, नगर परिषद