कस्बे में इन दिनों एक लाल मुंह का बंदर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
जलवाड़ा। कस्बे में इन दिनों एक लाल मुंह का बंदर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल यह बिल्ली के एक नन्हे बच्चे को सीने से लगाए यहां-वहां लोगों को घूमते दिख जाता है। लोग आपस में इसकी ममता की चर्चा करते नहीं थकते। जानकारी के अनुसार एक वर्ष पहले एक बाजीगर यहां पर खेल दिखाने आया था। उसके साथ एक बंदर था। यह किसी तरह उसकी गिरफ्त से छूट गया। तब से वह कस्बे में ही इधर-उधर घूमता रहता है।
इन दिनों वह एक सप्ताह के बिल्ली के बच्चे को एक हाथ से सीने से लगाए घूमता रहता है। वह कभी इस मकान पर तो कभी इस पेड़ पर चढ़ता-उतरता रहता है। गौर करने वाली बात यह है कि वो बिल्ली के बच्चे को इतना सहेज कर रखता है कि उसे कोई नुकसान नहीं होने देता। लोगों ने बताया कि वह फुर्सत के लम्हों में उसे दुलारता भी है। लोगों ने बंदर से इस बच्चे को कई बार छुड़ाने का प्रयास भी किया, लेकिन वह उसे लेकर भाग जाता है या फिर हमला कर देता है।
वहीं मासूम बच्चा भूख से तड़पता रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ माह पूर्व भी यह बंदर बिल्ली एक बच्चे को उठा ले गया था। कई दिनों इसने उसे अपने पास रखा। भूख और प्यास के चलते बच्चे की मौत हो गई। इसके बावजूद भी वह उसके शव को कई दिनों तक सीने से लगाए घूमता रहा। पहले यहां रहने वाले लंगूर इस बंदर से काफी डरते थे। जब यह उनके पास जाने का प्रयास करता तो वे भाग खड़े होते थे। धीरे-धीरे यह काले मुंह के बंदरों में हिलमिल गया है। अब यह काले मुंह के बंदरों के साथ ही रहता है।