मानसून ने केरल के रास्ते में देश में दस्तक दे दी। इस दफा मानसून तय समय से आने के संकेत हैं। उधर, बरसात से पहले शहर में शुरू नालों की सफाई कार्य गति नहीं पकड़ पाया है।
भीलवाड़ा मानसून ने केरल के रास्ते में देश में दस्तक दे दी। इस दफा मानसून तय समय से आने के संकेत हैं। उधर, बरसात से पहले शहर में शुरू नालों की सफाई कार्य गति नहीं पकड़ पाया है। नगर परिषद अधिकारियों का दावा है कि तय समय पर सफाई पूरी करा ली जाएगी। अभी तक 10 फीसदी ही सफाई हुई है। जिस गति से सफाई चल रही है, उससे मानसून से पहले कार्य पूरा होना मुश्किल नजर लग रहा है। कार्यालय में बैठकर अधिकारी सफाई कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि गत वर्ष मानसूनी बरसात का खमियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा था। कई कॉलोनियों में तो लोग घरों में कैद होकर रह गए थे।नगर परिषद अधिकारी नालों की सफाई कराने की बात कह रहा है जबकि शहर के बड़े नाले गंदगी से लबालब हैं। कई नालों की सफाई के बाद कचरा मौके पर छोड़ने से वापस नाले में जाने से सफाई व्यवस्था पर पानी फिर रहा है। शहर में पांडू का नाला, कृषि उपज मंडी के सामने, गायत्री आश्रम के पीछे, शास्त्रीनगर, रामधाम के पास, विजयसिंह पथिक नगर, कंचन विहार कॉलोनी के पीछे से गुजर रहा नाला समेत अन्य नालों की अभी तक सफाई नहीं हो पाई है। कई नालों में तो काई तक जमी हुई है।
समय सीमा 15 जून
शहर में नालों की सफाई कार्य की समय सीमा 15 जून है। नालों का सफाई कार्य मई माह के अन्तिम सप्ताह में शुरू हुआ था। लेकिन सुस्त गति और मॉनिटरिंग नहीं होने से अभी तक केवल 10 फीसदी ही कार्य हो पाया है। हालांकि नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि नालो की सफाई का काम छह माह तक किया जाएगा।
छह माह तक होगी सफाई
इस बार सफाई कार्य छह माह तक होगा। इसका भुगतान काम होने पर तथा हर माह 15 से 20 प्रतिशत राशि के आधार पर होगा। किसी नाले में फिर से कचरा आने पर उसे ठेकेदार को फिर से साफ करना होगा। इसके अलावा अधिकारियों को भेजकर सफाई की रिपोर्ट भी ली जा रही है। बिना सफाई के इस दफा भुगतान नहीं होगा।
हेमाराम चौधरी, आयुक्त नगर परिषद भीलवाड़ा