भीलवाड़ा

महादेव कोटन मिल की 52 बीघा भूमि पर स्थगन

भीलवाड़ा- चित्तौडग़ढ रोड स्थित महादेव कोटन मिल की विवादास्पद 52 बीघा ज़मीन के मामले में भूप्रबंध न्यायालय( आरएए) ने निचली अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की सुनवाई करते हुए आगामी 17 अगस्त तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए है।
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Updated: 22 Jul 2022, 8:51 AM IST
महादेव कोटन मिल की 52 बीघा भूमि पर स्थगन
महादेव कोटन मिल की 52 बीघा भूमि पर स्थगन

भीलवाड़ा- चित्तौडग़ढ रोड स्थित महादेव कोटन मिल की विवादास्पद 52 बीघा ज़मीन के मामले में भूप्रबंध न्यायालय( आरएए) ने निचली अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की सुनवाई करते हुए आगामी 17 अगस्त तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए है।

अदालत में रतन पुत्र धापू बनाम फ़ैशन सूटिंग प्राइवेट लिमिटेड के मामले में रतन के वक़ील गोपाल कृष्ण ने निचली अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ राजस्थान काश्तकारी अधिनियम की धारा 225 के तहत अपील और केवियट पेश की। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि निचली अदालत ने किन परिस्थितियों में अंतरिम निषेधाज्ञा प्रार्थना पत्र को आंशिक रूप से निस्तारित किया है इसके लिए मूल पत्रावली का अवलोकन ज़रूरी है। इसलिए आगामी 17 अगस्त तक

उक्त आराज़ी के राजस्व अभिलेख तथा मौक़े की यथास्थिति बनाए रखी जाए तथा एसडीएम के आदेश 20 जून 2022 से सम्बंधित फ़ाइल न्यायालय में आगामी तारीख़ पर पेश करें। इस मामले में रतन पुत्र धापू ने बताया कि यह जमीन परथु ने महादेव कॉटन मिल के मालिक पुसालाल महाजन से 6 अप्रेल 1966 को क्रय की थी। उसके बावजूद यह जमीन नगर परिषद के नाम दर्ज है। वही इस जमीन को अपने नाम बताकर शासन सचिव से जमीन को कन्वर्टेड करवा कर प्रताप कॉमर्शियल लिमिटेड को 30 मार्च 1983 को 52 बीघा कृषि भूमि को कब्जा दे दिया। प्रताप कॉमर्शियल ने इस जमीन में से 89473 वर्गमीटर भूमि को सुजुकी टेक्सटाइल लिमिटेड गुढा 13 दिसम्बर 2005 को विक्रय कर कब्जा दे दिया। जो गलत है। न्यायालय ने मूल पत्रावलि का अवलोकन करने तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए है। उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर उपखण्ड न्यायालय में भी वाद चल रहा है।

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