भीलवाड़ा

भक्तिभाव से मनाया गया मुनि सुव्रतनाथ भगवान का मोक्षकल्याणक महोत्सव

जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ का मोक्ष कल्याणक पर्व शनिवार को शहर के सभी दिगबंर जैन मंदिरों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। सम्मेद शिखर से निर्वाण प्राप्त करने वाले प्रभु के इस महोत्सव में अभिषेक, विशेष पूजा, सामूहिक आरती और निर्वाण लाडू अर्पण के कार्यक्रम आयोजित किए गए। जयकारों से मंदिर […]

less than 1 minute read
Feb 14, 2026
Muni Suvratnath Bhagwan's Moksha Kalyanak festival was celebrated with devotion.

जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ का मोक्ष कल्याणक पर्व शनिवार को शहर के सभी दिगबंर जैन मंदिरों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। सम्मेद शिखर से निर्वाण प्राप्त करने वाले प्रभु के इस महोत्सव में अभिषेक, विशेष पूजा, सामूहिक आरती और निर्वाण लाडू अर्पण के कार्यक्रम आयोजित किए गए। जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।

आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भगवान की प्रतिमा का अभिषेक, शांतिधारा, और भक्ति-संगीत के बीच पूजा-अर्चना हुई। श्रद्धालुओं ने प्रभु को निर्वाण लाडू अर्पित कर आत्म-कल्याण की कामना की। मिश्रीलाल अग्रवाल ने बताया कि भगवान मुनिसुव्रतनाथ का जीवन और यह पर्व अहिंसा, त्याग, और आत्मसंयम का संदेश देता है। यह पर्व भगवान मुनिसुव्रतनाथ के 30 हजार वर्ष की आयु के बाद मोक्ष प्राप्ति की स्मृति में मनाया जाता है।

भगवान मुनिसुव्रतनाथ पर अभिषेक व शांतिधारा महावीर पहाडि़या, आदिनाथ भगवान के कैलाशचंद पाटनी तथा अन्य प्रतिमाओं पर सुरेश लुहाडि़या, निहालचंद ललित अजमेरा ने शांतिधारा की। महेंद्र सेठी व सुरेन्द्र गोधा ने बताया कि अभिषेक पूजन के बाद देव, शास्त्र गुरु, भगवान मुनिसुव्रत नाथ की पूजा करके निर्वाण कांड का पाठ किया गया। भगवान के जयकारों के बीच लाढू चढ़ाए गए। शाम को भक्तांबर पाठ का आयोजन किया गया इसमें 48 दीपक जलाकर आरती की गई।

Published on:
14 Feb 2026 07:07 pm
Also Read
View All

अगली खबर