महिलाएं सुबह से संजने संवरने में व्यस्त रही
भीलवाड़ा।
जिलेभर में बुधवार को रूप चतुर्दशी (नरक चतुर्दशी) पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा हैै। रूप चौदस पर उबटन करने की भारतीय परंपरा सदियों से चली रही है। इसी परंपरा के लिए महिलाएं सुबह से संजने संवरने में व्यस्त रही। किसी ने उबटन से तो किसी ने पार्लर में जाकर रूप निखारा। शहर में सुबह से ही पार्लरों पर भीड़ लगी थी। पैर रखने की भी जगह नहीं थी। एडवांस में नंबर लगे हुए थे।
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पारपंरिक रूप से उबटन लगाकर रूप निखारा तो शहर में महिलाओं ने ब्यूटी पार्लर का रूख किया। शहर के ब्यूटीपार्लरों पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। हर कोई सुंदर दिखने के लिए रूप निखारना चाहता था। पार्लर संचालक दिनभर व्यस्त रही।
युवा भी पीछे नहीं, जैंस पार्लरों पर भी भीड़
रूप चतुदर्शी पर रूप निखारने में युवा भी पीछे नहीं रहे। जैंस पार्लरों पर भी दिनभर भीड़ रही। रूप चतुर्दशी के लिए स्पेशल पैकेज दिए गए। जिनका युवाओं ने जमकर फायदा उठाया।
उबटन से निखरता है सौंदर्य
माना जाता है कि रूप चतुर्दशी पर उबटन लगाकर सूर्योदय पूर्व स्नान करने से पाप दूर हो जाते हैं। हमारे प्राचीन ग्रंथों में उबटनों का विशेष महत्व माना गया है। इसी मे चलते महिलाओं ने सुबह तरह-तरह की घरेलू चीजों को तयशुदा मात्रा में मिलाकर बनाए गए उबटन को लगा स्नान किया। ऐसी मान्यता है कि रूप चौदस पर उबटन से रूप निखरता है।
उबटन सस्ते और त्वचा के लिए लाभकारी
आज कल घरेलू पारंपरिक उबटन का लोग को कम प्रयोग करते हैं, जबकि यह सस्ते और त्वचा के लिए लाभकारी होते हैं। उबटन अधिकतर घर पर मौजूद चीजों से तैयार होता है जो घर पर आसानी से मिल जाती है।