भीलवाड़ा

लापरवाही: निशुल्क यूनिफॉर्म के करोड़ों अटके, शिक्षा परिषद ने लगाई फटकार

शाला दर्पण पर जनआधार प्रमाणीकरण ठप, बच्चों के खातों में नहीं पहुंच रही राशि

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Mar 18, 2026
Negligence: Crores in Funds for Free Uniforms Stuck; Education Council Issues Reprimand

राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले 40 लाख से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को फ्री यूनिफॉर्म के लिए मिलने वाली राशि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। सत्र 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने लगभग 250 करोड़ रुपए का बजट तो घोषित कर दिया, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण शाला दर्पण पोर्टल पर बच्चों का जनआधार प्रमाणीकरण नहीं हो पाया है। नतीजा यह है कि बच्चों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी ) के 600-600 रुपए नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस लापरवाही पर राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने सख्त नाराजगी जताते हुए सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और उन्हें कड़ी फटकार लगाई है।

बार-बार निर्देश, फिर भी प्रगति शून्य

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त अनुपमा जोरवाल ने सभी जिलों के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों और पदेन जिला परियोजना समन्वयकों को सख्त पत्र लिखा है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि 100 प्रतिशत विद्यार्थियों के जनआधार प्रमाणीकरण के लिए निर्देश दिए गए थे, लेकिन आज तक इस काम में कोई प्रगति नहीं हुई है। परिषद ने इसे अधिकारियों की लापरवाही करार दिया है।

योजना में ये आ रही हैं मुख्य अड़चनें

परिषद की रिपोर्ट के अनुसार शत-प्रतिशत डीबीटी न हो पाने के पीछे कई खामियां सामने आई हैं। विद्यार्थियों के अभिभावकों का जनआधार कार्ड नहीं बना है या वह अपडेट नहीं है। कई विद्यार्थियों के जनआधार से बैंक खाता लिंक ही नहीं है। जिनके जनआधार प्रमाणित हैं उनमें से भी बहुतों के बैंक खाते या तो निष्क्रिय हैं या उनका आईएससी कोड गलत दर्ज है।

अन्य योजनाओं का लाभ भी खतरे में

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में राज्य की अन्य सभी कल्याणकारी योजनाओं की डीबीटी भी जनआधार से लिंक बैंक खातों में ही ट्रांसफर की जाती है।

भीलवाड़ा जिले की स्थिति

भीलवाड़ा जिले में इस बार पहली से 8वीं तक की बालिकाओं तथा एससी, एसटी, ओबीसी तथा बीपीएल वर्ग के बालक को 600 रुपए देने थे। जिले में करीब 579.34 लाख रुपए की राशि करीब 96 हजार छात्रों के खाते में डाली गई थी। जिले में कितने छात्रों को यह राशि नहीं मिली इसकी जानकारी फिलहाल समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास नहीं है।

Updated on:
18 Mar 2026 09:15 am
Published on:
18 Mar 2026 09:14 am
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