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विकास कार्यों में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, एडीपीसी शर्मा की दो वेतन वृद्धियां रोकीं

कलक्टर की कार्रवाई: डीएमएफटी के 183 कार्य अटके, 2022 से लंबित फाइलों पर गिरी गाज

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Major Action Taken Over Negligence in Development Works: ADPC Sharma's Two Increments Withheld

विकास कार्यों में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, एडीपीसी शर्मा की दो वेतन वृद्धियां रोकीं

राज्य सरकार की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करना जिले की एक वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी को भारी पड़ गया है। जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने कड़ा रुख अपनाते हुए अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (समसा) कल्पना शर्मा की दो वार्षिक वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए हैं। कलक्टर संधू के अनुसार अधिकारी के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 17 के तहत यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

जांच में सामने आया कि डीएमएफटी योजना के तहत 11वीं जनरल काउंसिल तक के 183 कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े हैं। इसके अलावा वर्ष 2022-23 और 2023-24 के कई कार्य अब तक शुरू ही नहीं किए गए। मैनेजिंग कमेटी की बैठकों में बार-बार निर्देश देने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के बावजूद प्रगति शून्य रही। 12वीं जीसी के कार्यों में भी भारी शिथिलता बरती गई। इससे महत्वपूर्ण विकास प्रोजेक्ट्स अधर में लटक गए।

बचाव में दिए तर्क हुए खारिज

कलक्टर ने पूर्णता प्रमाण पत्र को लेकर शिथिलता बरतने पर 17 नवंबर 2025 को शर्मा के विरुद्ध (राजस्थान सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 17 के तहत 17 सीसी में चार्ज शीट जारी कर आरोपित किया। इन आरोपों का शर्मा ने 24 नवंबर 2025 को 7 बिंदु के माध्यम से प्रत्युत्तर दिया था। 26 फरवरी 2026 को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया था। शर्मा ने अपने जवाब में तर्क दिया था कि उन्होंने जून 2025 में कार्यभार ग्रहण किया था और जिले में सहायक अभियंताओं व कनिष्ठ अभियंताओं की कमी है। उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई के कारण तकनीकी स्टाफ के जेल जाने और अन्य रिक्त पदों का हवाला दिया था। हालांकि, कलक्टर ने इन तर्कों को पर्याप्त नहीं माना और पत्रावली के आधार पर उन्हें कर्तव्यों के निर्वहन में विफल पाते हुए दोषी करार दिया।

अधिकारियों को सख्त संदेश

जिले के प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। जिला कलक्टर ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकारी योजनाओं में देरी और काम के प्रति लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संधू ने कहा कि अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं। राज्य सरकार की विकास योजनाओं में लापरवाही स्पष्ट प्रतीत होती है। इसके चलते यह दंड दिया गया है।