केंद्र की योजना का पैसा नहीं किया खर्च, आयुक्त ने माना- 'विद्यार्थी हितों पर कुठाराघात'
भीलवाड़ा जिले में शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे में उस समय हड़कंप मच गया जब राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने अतिरिक्त परियोजना समन्वयक एवं समग्र शिक्षा अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त अनुपमा जोरवाल ने डॉ. शर्मा को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करते हुए वित्तीय लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही, तीन दिन में स्पष्टीकरण न देने पर कठोर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम श्री' योजना के तहत विद्यालयों में किशोर-किशोरी सशक्तीकरण कार्यक्रम और सुरक्षित विद्यालय वातावरण निर्माण गतिविधियों के लिए बजट आवंटित किया गया था। परिषद ने इसके लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां भी जारी कर दी थी। आयुक्त ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया कि बजट का नियमानुसार समय पर उपयोग करने के लिए बार-बार निर्देश दिए गए, लेकिन अधिकारियों ने इसे अनसुना कर दिया।
आयुक्त अनुपमा जोरवाल की ओर से जारी नोटिस में डॉ. कल्पना शर्मा की कार्यशैली पर कड़े प्रहार किए गए हैं। नोटिस के अनुसार जारी राशि का उपयोग न करना घोर वित्तीय लापरवाही है। यह सीधे तौर पर विद्यार्थी हितों के साथ कुठाराघात है।
शिक्षा परिषद ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि आवंटित राशि को नियमानुसार तत्काल 7 दिन में खर्च कर पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई, इसका लिखित जवाब 3 दिन के भीतर पेश करना होगा। उधर डॉ. कल्पना शर्मा का कहना है कि स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से जारी नोटिस सभी को जारी किया गया है। यह एक सामान्य नोटिस है। इसका जवाब तैयार कर एक-दो दिन में भेज दिया जाएगा।