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मौसम की मार: एमजीएच में बढ़े मरीज, बुखार गायब, खांसी हावी, बहती नाक भी नहीं रूक रही

भीलवाड़ा जिले में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कभी सर्द हवाएं, तो कभी तेज धूप और रात में गलन ने लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर दिया है। इसका सीधा असर महात्मा गांधी चिकित्सालय की मेडिकल ओपीडी में देखने को मिल रहा है, जहां रोजाना बड़ी संख्या […]

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Weather hit: Patients increased in MGH, fever disappeared, cough dominated, runny nose also did not stop.

Weather hit: Patients increased in MGH, fever disappeared, cough dominated, runny nose also did not stop.

  • इस बार वायरल का नया पैटर्न
  • दवा लेने पर भी नहीं थम रही खांसी

भीलवाड़ा जिले में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कभी सर्द हवाएं, तो कभी तेज धूप और रात में गलन ने लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर दिया है। इसका सीधा असर महात्मा गांधी चिकित्सालय की मेडिकल ओपीडी में देखने को मिल रहा है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। बुधवार सुबह पत्रिका रिपोर्टर ने ओपीडी में रहकर मरीजों से बातचीत की, तो एक डराने वाली हकीकत सामने आई। यहां आने वाले ज्यादातर मरीजों को अब बुखार नहीं है, लेकिन जुकाम और खांसी ने उन्हें बुरी तरह जकड़ रखा है। दवा लेते समय नाक पूरी तरह बंद रहती है, कुछ देर बाद तेज बहाव शुरू हो जाता है और खांसी दिन-रात पीछा नहीं छोड़ रही। हालात इतने गंभीर हैं कि कुछ मरीजों को अस्पताल में खांसी की सिरप तक नहीं मिल रही। मरीजों का कहना था कि 10 से 15 दिन तक खांसी ठीक नहीं हो रही, जिससे नींद, काम और दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ओपीडी में सबसे ज्यादा भीड़वयस्कों की नजर आई। लैब के बाहर भी जांच कराने वालों की लंबी लाइनें लगी रहीं। अधिकतर मरीज वायरल संक्रमण की पुष्टि के लिए खून की जांच करवाते नजर आए।

पोस्ट-वायरल कफ के लक्षण की आशंका

विशेषज्ञों का कहना है कि यह पोस्ट-वायरल कफ के लक्षण हो सकते हैं, जो मौसम बदलने पर ज्यादा देखने को मिलते हैं। अगर खांसी 7 से 10 दिन से ज्यादा बनी रहे, तो इसे हल्के में न लें। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेने से बचें। गुनगुना पानी पिएं, ठंडे-गरम खान-पान से बचें और लक्षण दिखते ही स्वयं इलाज करने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें। मौसम का यह दोहरा असर आने वाले दिनों में और परेशानी बढ़ा सकता है, इसलिए सतर्कता ही बचाव है।

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