- भीलवाड़ा जिले की 30 ग्राम पंचायतों का होगा बर्तन बैंक के लिए चयन - पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त करने को लेकर सरकार की पहल
भीलवाड़ा पर्यावरण के लिए चुनौती बने प्लास्टिक के उपयोग नहीं करने को लेकर सरकार ने नई पहल की है। पहले चरण में प्रदेश की एक हजार ग्राम पंचायतों को स्टील के बर्तन उपलब्ध कराते हुए एक अनूठा बर्तन बैंक स्थापित होगा। बर्तन बैंक का उपयोग गांव में किसी आयोजन या सामुदायिक कार्यक्रमों में होगा। इसका किराया 3 रुपए प्रति बर्तन सेट होगा। प्रत्येक पंचायत को कम से कम 400 बर्तन सेट उपलब्ध कराए जाएंगे। संचालन महिला स्वयं सहायता समूह करेगी। इसका रिकॉर्ड रखना होगा। सरकार ने बजट में घोषणा की थी।
भीलवाड़ा की 30 ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक
योजना के तहत प्रथम चरण में जिले की 30 ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक बनेगा। इन पंचायतों को एक लाख की राशि दी जाएगी। सब कुछ ठीक रहा तो अन्य पंचायतों में भी बैंक खोले जाएंगे। बर्तनों में एक सेट में एक प्लेट, 3 कटोरी, एक-एक चम्मच और ग्लास होंगे। हर बर्तन पर संबंधित पंचायत का नाम और स्वच्छ भारत मिशन लिखवाया जाएगा। बर्तनों को रखने में रैक की व्यवस्था होगी। इन पर बर्तन बैंक लिखा जाएगा। पांच वर्ष बाद बर्तन बदले जा सकेंगे। बर्तन किराए पर देने से मिलने वाली राशि बैंक में ही जमा होगी और यह राशि सार-संभाल में खर्च होगी।
इनको मिलेगी छूट
दिव्यांग, बीपीएल, अनुसूचित जाति, जनजाति और विशेष परिस्थितियों में अन्य को किराए में 50 प्रतिशत की छूट देंगे। बर्तन खोने और टूट-फूट पर संबंधित उपयोगकर्ता को किराए के साथ शुल्क की भरपाई करनी होगी। जिला परिषद सीईओ चंद्रभान भाटी ने बताया कि बर्तन बैंक का उपयोग गांव में शादी समारोह, पारिवारिक आयोजनों, सामुदायिक कार्यक्रमों या पंचायत स्तर पर होने वाले प्रशिक्षणों में किया जाएगा।