भीलवाड़ा

Mid-Day Meal Scheme: राजस्थान में मिड-डे मील का नया मेन्यू लागू, सरकारी स्कूलों में अब सप्ताह में एक दिन मिलेंगे फल

राजस्थान सरकार के मिड-डे मील योजना आयुक्तालय ने राजकीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन के लिए नया निर्धारित मेन्यू और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए है। प्रधानमंत्री पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, पोषण स्तर और शैक्षिक उपस्थिति में सुधार के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
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Updated: 25 Jul 2026, 9:15 AM IST
Mid Day Meal Incident in government school
सरकारी स्कूल में मिड डे मील खाते बच्चे (फ़ाइल फ़ोटो )

भीलवाड़ा। राजस्थान सरकार के मिड-डे मील योजना आयुक्तालय ने राजकीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन के लिए नया निर्धारित मेन्यू और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए है। प्रधानमंत्री पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, पोषण स्तर और शैक्षिक उपस्थिति में सुधार के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। मिड-डे मील आयुक्त विश्व मोहन शर्मा ने प्रदेश के सभी जिला कलक्टरों को इस संबंध में आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेशों के तहत कक्षा प्री-प्राइमरी से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय प्रबन्धन समिति, एनजीओ, अन्नपूर्णा महिला सहकारी समिति या स्वयं सहायता समूहों की ओर से यह भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें कि राजस्थान में मिड-डे मील (पीएम पोषण) योजना के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को गर्म पौष्टिक भोजन, पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत दूध, और सख्त गुणवत्ता व सुरक्षा मानक प्रदान किए जाते हैं।

ये रहेगा नया मेन्यू

सोमवार: रोटी, दाल और सब्जी।
मंगलवार: चावल, दाल और सब्जी।
बुधवार: रोटी, दाल और सब्जी।
गुरुवार: खिचड़ी, दाल, चावल, सब्जी
शुक्रवार: रोटी, दाल और सब्जी।
शनिवार: रोटी, दाल और सब्जी।

पोषण के कड़े मानक और अनिवार्य फल

नए दिशा-निर्देशों में विद्यार्थियों के पोषण को केंद्र में रखा गया है। इसके लिए कुछ विशेष नियम लागू किए गए हैं। सप्ताह में किसी भी एक दिन स्थानीय मांग के अनुसार भी भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है। कक्षा प्री-प्राईमरी से 5वीं तक के बच्चों के भोजन में कम से कम 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन होना अनिवार्य है। कक्षा 6 से 8वीं तक के विद्यार्थियों के भोजन में 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन होना आवश्यक है। मेन्यू के अलावा छात्रों को सप्ताह में एक दिन फल दिया जाना अनिवार्य कर दिया गया है।

निरीक्षण में कोताही बर्दाश्त नहीं

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयों में शत-प्रतिशत दिशा-निर्देशों की पालना होनी चाहिए। संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों एवं ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों की ओर से विद्यालय स्तर पर समय-समय पर मिड-डे मील का निरीक्षण किया जाना अनिवार्य है। इसकी रिपोर्ट प्रत्येक माह जिला स्तर पर संकलित करके विभाग को प्रेषित करनी होगी। यदि व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई पाई जाती है, तो संबंधित कार्मिक या अधिकारी की सीधे तौर पर जवाबदेही तय की जाएगी।

Updated on:
25 Jul 2026, 9:15 AM IST
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