
भीलवाडा. केंद्रीय बजट में नई कर की दरों को बाई डिफाल्ट रूप में दिया गया है। अब कर की मूल पुरानी दर को वैकल्पिक बना दिया गया है। कर देयता की इस नई स्कीम को मूल टैक्स दर बना दिया गया है।
यह बात जयपुर के आयकर विशेषज्ञ पीसी परवाल ने मेवाड़ चैम्बर की ओर से केन्द्रीय बजट पर वेबिनार में कही। उन्होंने बताया कि नई स्कीम के तहत 7 लाख रुपए तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा। इस स्कीम के तहत कर की दर भी कम की गई है लेकिन बचत, मकान के ऋण की छूट इत्यादि को मिलाते हुए बहुत सारी छूटें नहीं मिलेगी। केवल वेतन भोगी कर्मचारियों को स्टैंडर्ड डिडक्शन की छूट मिलेगी। वेतनभोगी करदाताओं के लिए यह कुल छूट 7.50 लाख रुपए हो जाएगी। नई कर प्रणाली ज्यादा आय वालों के लिए उपयोगी है। ध्यान देने वाली बात यह है कि नई स्कीम के तहत ही सभी करदाता आएंगे अर्थात यह डिफॉल्ट स्कीम होगी लेकिन करदाता पुरानी स्कीम का विकल्प ले सकता है। चैम्बर के अध्यक्ष बीएम शर्मा ने आभार प्रकट किया। संचालन महासचिव आरके जैन ने किया।